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चुनावी साल में रसोई गैस, पेट्रोल के दाम नहीं होंगे बेकाबू

Fri, 31 May 2013 12:32 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 31 May 2013 12:32 AM IST
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not hike rate of lpg petrol in election year

चुनावी साल में अगर रुपया ज्यादा न लुढ़का तो रसोई गैस और पेट्रोल के दामों में बेतहाशा इजाफा नहीं होगा।

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रसोई गैस और पेट्रोल के दाम जहां लगभग स्थिर रहेंगे, वहीं डीजल की कीमत में 40 से 50 पैसे महीने की बढ़ोतरी जारी रहेगी।

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बाजार के हवाले किए जाने के दबाव से लोग भले ही अभी उबर नहीं पाए हों, मगर पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल के अनुसार इसका सकारात्मक नतीजा सामने आया है।

अब आम आदमी सोच समझकर पेट्रोल और रसोई गैस का इस्तेमाल कर रहा है। इसकी वजह से रसोई गैस और पेट्रोल की खपत में कुछ कमी आई है।

इंडियन ऑयल के अध्यक्ष आरएस बुटोला ने कंपनी के बीते साल के कामकाज का लेखा-जोखा पेश करने के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों की खपत पर लोगों में आई जागरूकता का दिलचस्प ब्यौरा दिया।
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बुटोला ने कहा कि पेट्रोल और रसोई गैस की खपत में 31 मार्च को खत्म वित्त वर्ष में उसके पहले के साल के मुकाबले करीब पांच फीसदी की कमी आई है।

गौरतलब है पेट्रोल मूल्य पूरी तरह बाजार पर आधारित है तो रसोई गैस की सब्सिडी घटाकर सरकार ने एक उपभोक्ता के लिए साल में 9 सिलेंडर की अधिकतम सीमा तय कर रखी है।
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हालांकि बुटोला ने अर्थव्यवस्था की रफ्तार में आई गिरावट की वजह से भी इसमें कमी आने के तर्कों से इंकार नहीं किया।

उनका कहना था कि डीजल की कीमतों में फिलहाल बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहेगा, क्योंकि अभी तेल कंपनियों को प्रति लीटर डीजल पर 3 रुपये 73 पैसे का नुकसान उठाना पड़ा रहा है।

पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतें इस साल लगभग स्थिरता के दौर में रहने की उम्मीद जताते हुए बुटोला ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काबू में रहने की उम्मीद हैं।

ओपेक देशों के तेल मंत्रियों की बुधवार को हुई बैठक में दाम में आई गिरावट के बावजूद उत्पादन नहीं घटाने के फैसले से भी कीमतें मौजूदा दर पर रहने की संभावना हैं।

डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया जरूर चिंता की बात है। बुटोला ने कहा कि रुपये में ज्यादा गिरावट आई तब कहीं न कहीं संतुलन बनाने के लिए कीमतों में कुछ इजाफे की आशंका को नकारा नहीं जा सकता।


पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी का बोझ कम होने का फायदा आईओसी के बैलेंस सीट पर भी झलका है। इस साल आईओसी की आय पिछले साल के मुकाबले 12 फीसदी बढ़कर 447096 करोड़ रुपये और मुनाफा 3955 करोड़ से बढ़कर 5005 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

बुटोला ने कहा कि इस साल आईओसी आय में इजाफे के लिए ग्रामीण इलाकों और नए उभरते शहरी कस्बों में पेट्रोल पंप-रसोई गैस आउटलेट खोलने पर ज्यादा फोकस करेगी।

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