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26/11 की तुलना बाबरी विध्वंस से नहीं की: मलिक

Sat, 15 Dec 2012 03:06 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 15 Dec 2012 03:06 PM IST
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not equates 26/11 with babri masjid says rehman malik

भारत दौरे पर आए पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने साफ किया है कि उन्होंने 26/11 के आतंकी हमले की तुलना बाबरी मस्जिद से नहीं की। एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी कारगिल के शहीद सौरभ कालिया का मामला पाकिस्तान के समक्ष नहीं उठाया। मीडिया ने उनके बयान का गलत मतलब निकाला।

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इससे पहले शुक्रवार को मलिक ने 26/11 के आतंकी हमले की तुलना बाबरी विध्वंस से कर डाली थी। 2008 में हुए मुंबई हमले की तुलना बाबरी विध्वंस से करते हुए उन्होंने कहा कि हम शांति चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि फिर कोई 26/11 दोहराया जाए या फिर कोई बाबरी विध्वंस हो।
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वहीं रहमान मलिक ने शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के संबंध में बताया कि शायद खराब मौसम की वजह उनकी मौत हुई होगी। उन्हें यह भी नहीं पता कि पाक सेना ने उनके साथ किस स्तर तक अमानवीय व्यवहार किया। उन्होंने भारत को यह सलाह भी दे डाली कि जिस तरह हम भारतीय न्यायिक प्रणाली का सम्मान करते हैं, उसी तरह उन्हें भी हमारी न्यायिक अदालतों के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
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कारगिल युद्ध के दौरान कैप्टन सौरभ कालिया और पांच अन्य सैनिकों को पाक सेना ने बंदी बनाकर यातनाएं दी थी। इस संबंध में रहमान मलिक ने कहा, ‘मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। हालांकि इस बहादुर सिपाही के पिता से मुलाकात कर मुझे काफी खुशी होगी।

मैं उनसे हाथ मिलाकर पूरी घटना की जानकारी लेना चाहूंगा। जब बॉर्डर पर जंग चल रही होती है, तो सच में हमें नहीं पता होता कि वहां क्या हो रहा है। हम सच में नहीं जानते कि कैप्टन कालिया की मौत पाक गोली से हुई है या फिर मौसम से।’

कैप्टन कालिया के क्षत-विक्षत शव को उनके परिवार को सौंप दिया गया था। जांच के बाद पता चला था कि उन्हें असहनीय यातनाएं दी गई थी। कैप्टन कालिया के शरीर को सिगरेट से दागा गया था और उनके कानों को लोहे की गरम छड़ों से छेद दिया गया था। यहां तक कि उनके महत्वपूर्ण अंगों को भी काट दिया गया था।


कैप्टन कालिया के पिता एनके कालिया ने सुप्रीम कोर्ट से इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में उठाने की मांग की है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एनके कालिया की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है।

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