जिनपिंग के होटल से पूर्वोत्तर के लोग क्यों हटाए गए?
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गृह मंत्रालय ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहमदाबाद यात्रा के दौरान उनके होटल में काम करने वाले पूर्वोत्तर के लोगों को दूर रखने के कथित मामले की जांच का आदेश दिया है।
गुजरात के एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक अहमदाबाद पुलिस ने तिब्बत के आंदोलनकारियों को जिनपिंग के होटल के बाहर प्रदर्शन से रोकने के मकसद से होटल के भीतर और बाहर पूरे पूर्वोत्तर के लोगों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी थी। मंत्रालय ने खुफिया एजेंसी आईबी से बृहस्पतिवार तक इस मामले की पूरी जानकारी मांगी है।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक गुजरात पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक राज्य पुलिस ने तिब्बतियों और पूर्वोत्तर के लोगों की शक्ल-सूरत एक जैसी (मंगोलियन रेस) दिखने की वजह से यह आदेश दिया था।
लेकिन सरकार का मानना है कि पुलिस का इस तरह का आदेश असंवैधानिक है। उन्हें तिब्बती आंदोलनकारी को रोकने के लिए कोई दूसरा उपाय करना चाहिए था।
गृह मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश
गृह मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक अगर जांच में यह बात सच निकली तो आदेश देने वाले पुलिस अधिकारी को निलंबित भी किया जा सकता है।
ऐसी भी रिपोर्ट है अहमदाबाद के एक मॉल में काम करने वाले पूर्वोत्तर के कर्मचारियों को भी जिनपिंग की यात्रा के दिन काम पर नहीं आने को कहा गया था।
सूत्रों ने बताया कि गुजरात के बडोदरा विश्वविद्यालय में तिब्बत के करीब 52 छात्र पढ़ते हैं। इन्होंने पुलिस से जिनपिंग और उनकी पत्नी की गुजरात यात्रा के दौरान प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी।
पुलिस ने इन छात्रों को अनुमति नहीं दी। सूत्रों के मुताबिक अगर गुजरात में कहीं भी तिब्बत के शरणार्थी रह रहे हैं तो इसकी जानकारी पुलिस को जरूर होती।
पुलिस ने ऐसे आदेश से किया इनकार
मामले के तूल पकड़ने के कुछ ही घंटों के भीतर अहमदाबाद पुलिस और होटल प्रशासन ने ऐसा निर्देश जारी करने से इनकार किया है।
अहमदाबाद के संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) एके शर्मा ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी निर्देश के बारे में जानकारी नहीं है। हम केवल तिब्बती लोगों को लेकर चिंतित थे।
स्पेशल ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त विकास सहाय ने भी ऐसे किसी निर्देश के बारे में जानकारी से इनकार किया है। हयात होटल के प्रबंधन ने भी इन रिपोर्ट्स पर आश्चर्य जताया है। उसने दावा कि 17 सितंबर को पूर्वोत्तर के लोगों सहित सभी कर्मचारियों ने काम किया था।