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पंजाब के पाकिस्तान से सटे जिले नॉन-आईपीएस के हवाले

Sun, 10 Jan 2016 08:02 AM IST
Updated Sun, 10 Jan 2016 08:02 AM IST
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Non-IPS Officers Run Most Border Distts of Punjab

पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में सात सैनिकों की मौत के बाद जांच का दौर शुरु हो चुका है। इस जांच में आतंकियों के तार पाकिस्तान से होते देश में बैठे उनके मददगारों तक से जुड़ रहे हैं।

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इसी कड़ी में एक बात और सामने आयी है कि बॉर्डर के इलाकों में जो पुलिस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं वह ज्यादातर आईपीएस कैडर के नहीं हैं वह प्रोमोशन पाकर एसपी के पद तक पहुंचे हैं। इस प्रकार बॉर्डर क्षेत्र के आठ जिलों में से पांच में नॉन-आईपीएस अफसरों को नियुक्त किया गया है और तीन में प्रमोशन पाए अफसरों को एसपी बनाया गया है।
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पठानकोट हमले में गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह की संलिप्तता पर पूछताछ इस बात को प्रमाणित करती है कि बॉर्डर इलाकों की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार कितनी सजग है। जबकि पंजाब सरकार के पूल में 24 आईपीएस अफसर और 22 प्रमोटेड आईपीएस अफसर मौजूद हैं। कुछ आईपीएस अधिकारियों का मानना है कि पंजाब में ड्रग्स कारोबार के फलने का भी यही कारण है। (ईटी में छपी खबर अनुसार)
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नियम ताक पर रख पंजाब सरकार ने की पोस्टिंग?

Non-IPS Officers Run Most Border Distts of Punjab

नाम न बताने की शर्त पर एक केंद्रीय कर्मचारी ने बताया कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार किसी जिले में प्रोविंशियल सर्विसेस के अधिकारी की नियुक्ति केवल तीन महीनों के लिए ही की जा सकती है और वह भी केंद्र सरकार की मंजूरी से। लेकिन पंजाब में इस नियम की खूब जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और वहां नियुक्ति पंजाब सरकार करती है और वह भी मनमाने तरीके से।

इस मामले पर पंजाब पुलिस की ओर से सिर्फ इतना कहा गया है कि पोस्‍टिंग मामले पर हाईकोर्ट में मामला लंबित है इसलिए इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं। वहीं एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा कि पंजाब सरकार नॉन आईपीएस अफसरों को मजबूरन तैनात करती है क्योंकि उनके पास आईपीएस अफसरों की कमी है और जो हैं वह सुख-सुविधाओं से दूर बॉर्डर
के इलाकों में पोस्टिंग नहीं लेते हैं।

साथ ही अधिकारी ने कहा कि आईपीएस अफसरों के मुकाबले प्रोविंशियल सर्विसेस के अधिकारी ज्यादा सक्षम हैं क्योंकि उन्होंने अपनी पोस्टिंग्स के दौरान आतंकवाद का सामना किया है और पंजाब के 19 जिलों में से 10 में प्रोविंशियल सर्विसेस के अधिकारी ही तैनात हैं।

राजनाथ को सुखबीर ने दी सफाई

Non-IPS Officers Run Most Border Distts of Punjab

इस बीच पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले पर पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को मामले पर सफाई दी है।

उन्होंने राजनाथ से मुलाकात कर उन्हें बताया कि पंजाब पुलिस की ओर से पठानकोट हमले के दौरान कोई कोताही नहीं बरती गयी है।

साथ ही बादल ने कहा कि पंजाब सरकार ने खुद ही आतंकी हमले के बारे में एक जनवरी को केंद्र को सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से पाकिस्तान के निशाने पर रहा है क्योंकि ये ड्रग्स और हथियार माफियाओं के लिए आसान मार्ग है।

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