'नो वर्क, नो पे' की मांग पर भड़के सपा सांसद
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संसद सत्र में जारी गतिरोध के बीच 'नो वर्क, नो पे' मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने मांग उठायी थी कि जितने दिन संसद का कार्य बाधित रहता है उतने दिन सांसदों के वेतन में कटौती की जानी चाहिए।
उनका तर्क था कि अगर मजदूर एक दिन काम नहीं करता है तो उस दिन उसे वेतन नहीं मिलता,उसी तरह सांसद अगर काम नहीं करते तो उन्हें भी नहीं मिलना चाहिए।
इस पर समाजवादी पार्टी सांसद नरेश अग्रवाल भड़क गए और कहनें लगे कि हम कर्मचारी नहीं हैं। जो वेतन की कटौती की जाए।
मोदी का सहयोग नहीं कियाःसुषमा
इससे पूर्व सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी विपक्ष मानने को तैयार नहीं दिखा। सोमवार को भी संसद में कांग्रेस के सांसद लोकसभा में काली पट्टी बांध कर सदन में पहुंचे। इस सबके बीच ललित मोदी के मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी।
राज्यसभा में शोर-शराबे के बीच अपने अधूरे जवाब में सुषमा ने कहा कि मैंने ललित मोदी का किसी भी तरह से सहयोग नहीं किया। उन्होंने खुद पर लग रहे आरोपों को बेबुनियाद और झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि वो हमेशा चर्चा के लिए तैयार हैं।
ललित मोदी को वीजा दिलाने में उनका कोई योगदान नहीं है। हालांकि वो अपना जवाब पूरा नहीं कर सकी इससे पहले ही राज्य सभा की कार्रवाई स्थगित हो गई।