फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   no wealth tax on farm land says finance minister p chidambaram

10 ग्राम से कम सोने की नकद खरीद पर लगेगा टैक्स

Tue, 30 Apr 2013 11:06 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 30 Apr 2013 11:06 PM IST
विज्ञापन
no wealth tax on farm land says finance minister p chidambaram

भाजपा के वॉकआउट और सदन में भारी हंगामे के बीच मंगलवार को लोकसभा ने वित्त वर्ष 2014 का आम बजट बिना किसी बहस के पारित कर दिया।

विज्ञापन


वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने वित्त विधेयक 2013-14) में संशोधन पेश किए, जिन्हें लोकसभा ने स्वीकार कर लिया।
 
वित्त विधेयक पारित होने के बाद चिदंबरम ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में साफ किया कि संसद के चालू सत्र में पेश किए जाने वाले कई अहम विधेयकों के पारित होने को लेकर उनकी उम्मीद बरकरार है।

वित्त विधेयक में सोने या स्वर्णाभूषण की नकद खरीद पर एक फीसदी कर लगाने संबंधी प्रावधान में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत 10 ग्राम से कम वजन के सिक्कों या वस्तुओं की खरीद पर इस कर से मिली छूट को खत्म कर दिया गया है।
विज्ञापन


चिदंबरम ने कहा कि छूट के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।

एक अहम संशोधन के तहत कृषि भूमि पर वैल्थ टैक्स नहीं लगाने का प्रावधान किया गया है। वित्त विधेयक पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि भूमि पर (वेल्थ टैक्स) लगाने की यूपीए सरकार की कभी भी नीति नहीं रही है। इसको लेकर कुछ आशंका पैदा हो गई थी। इसको लेकर मैने यह संशोधन लाने का फैसला किया और अब यह मुद्दा पूरी तरह समाप्त हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही वित्त मंत्री ने विदेशी संस्थागत निवेशकों से लेकर अप्रवासी भारतीय और मारीशस के साथ दोहरे कराधान अपवंचना समझौते सहित कई मुद्दों पर स्थिति साफ की। इसके अलावा बांड के जरिए विदेशों से पूंजी जुटाने के प्रस्ताव में भी बदलाव किया गया है, जिससे एनआरआई को इन्फ्रा बांड में निवेश के लिए पैन की जरूरत नहीं होगी।

बजट प्रावधान में एक बड़ा संशोधन करते हुए सरकारी और कॉरपोरेट सेक्टर के विदेशी कर्ज के ब्याज की आय पर टैक्स की दर को दो साल के लिए 20 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

रेलवे को राहत देते हुए वित्त विधेयक में जुलाई-अक्तूबर 2012 तक उसे सर्विस टैक्स में छूट देने की भी घोषणा की गई है। विदेशी कर्ज के ब्याज की आय पर टैक्स को दो साल के लिए 20 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिए जाने से सिक्योरिटीज में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) और पात्र विदेशी निवेशकों (क्यूएफआई) पर ब्याज की आय पर अब 5 फीसदी टैक्स ही लगेगा।

नॉन-एग्री कमोडिटी पर कमोडिटी ट्रांजिक्शन टैक्स (सीटीटी) लगेगा। इसके अलावा घरेलू बाजार के हित में काजू पर आयात शुल्क को 30 फीसदी से बढ़ाकर 70 फीसदी करने की घोषणा भी वित्त विधेयक में की गई है।

दीर्घ अवधि के इन्फ्रास्ट्रक्चर बांडों में निवेश बढ़ाने के लिहाज से वित्त मंत्री ने धारा 194 (एच) सी में संशोधन किया गया है, ताकि अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) बांडों के जरिये भारत में भरपूर निवेश कर सकें।

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि पैन और ब्याज की आय पर 20 फीसदी विदहोल्डिंग टैक्स का प्रावधान लांग टर्म इन्फ्रा बांडों में निवेश करने वाले एनआरआई पर लागू नहीं होगा। इससे इन्फ्रा सेक्टर के विकास के लिए जरूरी निवेश जुटाने में काफी मदद मिलेगी।

अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर एक फीसदी की दर से स्रोत से कर कटौती (टीडीएस) के प्रावधान को स्पष्ट करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में टीडीएस कटौती के लिए टैन (टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन एकाउंट नंबर) जरूरी नहीं होगा।


टैक्स रेजिडेंसी सार्टिफिकेट (टीआरसी) के बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि विदेशी सरकारों द्वारा जारी टीआरसी को रेजिटेंस सर्टिफिकेट के रूप में स्वीकार किया जाएगा। बजट के टीआरसी संबंधी प्रावधान से मारीशस रूट से देश में पैसा लगाने वाले निवेशकों में संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

वित्त मंत्री के स्पष्टीकरण के बाद अब यह संशय दूर हो गया है और एफआईआई निवेश को लेकर स्थिति साफ हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed