फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   No special status to Bihar

विशेष राज्य के मुद्दे पर नीतीश को मोदी सरकार ने दिया झटका

Fri, 31 Jul 2015 11:29 PM IST
Updated Fri, 31 Jul 2015 11:29 PM IST
विज्ञापन
No special status to Bihar

सरकार ने बिहार के लिए केंद्रीय मदद बढ़ाते हुए राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा देने से इनकार किया है। हालांकि सरकार के पास राज्य को विशेष पैकेज देने का प्रस्ताव है।

विज्ञापन


शुक्रवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि वर्तमान में किसी भी राज्य को विशेष दर्जा देने का प्रस्ताव नहीं है।
विज्ञापन


हालांकि राज्यों को विशेष पैकेज देने का प्रस्ताव है। सिंह बिहार के सांसद राजेश रंजन के पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार लंबे समय से राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा देने की मांग के लिए दबाव डालते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले  जदयू, भाजपा और उसकी सहयोगी एलजेपी ने इस मांग का समर्थन किया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2015-16 में बिहार और ओडिशा ने विभिन्न क्षेत्रों में समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए विशेष पैकेज की मांग की थी।

'एक काम के बदले दो बार मजदूरी मांग रहे नीतीश'

No special status to Bihar

बिहार की सियासत में रिपोर्ट कार्ड को लेकर जंग जारी है। नीतीश और माझी के बाद शुक्रवार को सुशील मोदी ने भी अपने सात साल के शासनकाल का रिपोर्ट कार्ड जारी किया।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने रिपोर्टकार्ड जारी करते हुए कहा कि नीतीश कुमार एक ही काम का दो बार मजदूरी मांग रहे हैं। जनता इस बार उन्हें मजदूरी नहीं बल्कि दंड देगी।

मोदी ने कहा कि पिछले ढाई साल में सरकार ने कोई काम ही नहीं किया है, जो काम हुआ वो राजग शासनकाल में ही हुआ। सात साल में बढी रफ्तार, ढाई साल में बंटाधार का नारा बुलंद करते हुए श्री मोदी ने कहा कि बिहार में अब विकास की नहीं, बल्कि एक बार फिर से जंगल राज की बात हो रही है। पिछले 29 माह में एक भी नयी योजना शुरु नहीं हुई है।

कई योजनाओं का दो-दो बार उद्घाटन जरूर किया जा रहा है। मोदी ने कहा कि बढ़ चला बिहार का नारा लगानेवाले बताये कि आखिर कौन सा कारण है जो बिहार में विकास की रफ्तार कम हो गयी है। विकास दर आधा हो गया है, जबकि कृषि विकास तो नकारात्मक हो गया है। राजस्व प्राप्ति में कमी आयी है।

विदेशी पर्यटकों की संख्या में तीन लाख से ज्यादा की कमी आयी है। बिहार पर्यटन में पहले 6वें स्थान पर था, पर अब टॉप टेन से भी बाहर हो गया है। 28 हजार गांवों का अब तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है। सड़क निर्माण के काम में भी कमी आर्यी है। अपराध में जरूर बढ़ोतरी हुई है।

गौरतलब है कि पिछले 27 जुलाई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड जारी किया था। उसके करीब दो घंटे बाद ही मांझी ने भी अपना रिपोर्ट कार्ड पेश कर दिया था।



--------------------------------------------------------------------------------

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed