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महाकुंभ का मातम: 37 मौतें, जिम्मेदार कोई नहीं

Tue, 12 Feb 2013 12:51 AM IST
इलाहाबाद/नई दिल्ली/फरहत खान
इलाहाबाद/नई दिल्ली/फरहत खान Updated Tue, 12 Feb 2013 12:51 AM IST
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no responsible for 37 deaths in mahakumbh

महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं की जिंदगियां जंक्शन पर पैरों तले रौंद दी गईं, लेकिन 24 घंटे से ज्यादा बीतने के बाद भी तय नहीं हो सका कि इन 37 मौतों का आखिरकार जिम्मेदार कौन है।

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सोमवार को दिनभर रेलवे और यूपी सरकार लापरवाही का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ते रहे। मंत्रियों से लेकर बड़े अफसर भी मौका मुआयने को पहुंचे, लेकिन इस लापरवाही के दोषियों को फिलहाल क्लीन चिट ही मिल रही है।
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आस्था के इस कुंभ में अपनों को खोने वालों की चीखें थम नहीं रही हैं। 39 घायल अस्पताल में दर्द से तड़प रहे हैं। वहीं, गैर जिम्मेदारी के सारे साक्ष्यों को दरकिनार कर आला हाकिम महज जांच की बात कर रहे हैं। एक जांच यूपी सरकार तो एक रेलवे की ओर से कराई जा रही है।
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स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि स्नान के बाद लाखों की भीड़ स्टेशन की तरफ धकेल दी गई। लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ठीकरा रेलवे पर फोड़ते हुए कहा कि हम सब जानते हैं कि इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।

वहीं, रेलवे ने भीड़ को संभालने के इंतजाम ही नहीं किए थे। इतना ही नहीं, घटना के बाद एक दर्जन यात्री दो घंटे तक वहीं तड़प-तड़प कर मर गए। मगर रेल मंत्री पवन बंसल ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन ने भीड़ का मैनेजमेंट सही तरीके से नहीं किया, जिस वजह से यह हादसा हुआ। भीड़ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी रेलवे की नहीं है। वह सिर्फ लोगों को गंतव्य तक पहुंचाती है।


रेलवे अनुमान से अधिक भीड़ जमा होने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करता दिखा। हालांकि रेल मंत्री ने यह जरूर माना कि यात्रियों के लिए ट्रेनों का इंतजाम तो किया गया था, लेकिन स्टेशन परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। इसके लिए स्थानीय प्रशासन से भी किसी तरह की मदद नहीं मांगी गई।

कौन देगा इन सवालों के जवाब
:- भीड़ को नियंत्रित करने को लाठी क्यों चलाई गई।
:- तीन घंटे तक घायलों को अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया गया।
:- लाशों को उठाने वाला कोई नहीं था।
:- डीआरएम और डीआईजी तीन घंटे बाद क्यों पहुंचे।
:- कहां थी एंबुलेंस, स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं थे।
:- रेलवे अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ कहां थे।
:- सभी घायलों को क्यों भेजना पड़ा स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल।

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