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'2015 तक अपराधियों से मुक्त होगी संसद'

Thu, 12 Jun 2014 08:31 AM IST
Updated Thu, 12 Jun 2014 08:31 AM IST
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no one culprit will not live in parliament till 2015

नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में एक बार फिर दागी नेताओं का मामला उठाया। उन्होंने साफ किया कि जब तक संसद को अपराध मुक्त नहीं किया जाएगा, तब तक लोगों का भरोसा नहीं जीता जा सकेगा।

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उन्होंने कहा, ‘हम सब मिलकर सुप्रीम कोर्ट से निवेदन करेंगे कि जिन सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है, उन सभी मामलों का निपटारा एक साल के भीतर कर दिया जाए। इससे सब चीजें साफ हो जाएंगी और जो दोषी हैं, वो जेल पहुंच जाएंगे और जो निर्दोष हैं, वो सिर ऊंचा कर के चल सकेंगे।’
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मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि हर सांसद अपने ऊपर दर्ज एफआईआर से हर हाल में मुक्ति चाहेगा। अगर ऐसा होता है, तो राजनीतिक दल भी दागी नेताओं को टिकट देने से पहले सोचेंगे। सर्वसम्मति से यह काम किया जा सकता है। लोकसभा के बाद इसी तरह से विधानसभा, फिर स्थानीय निकायों को अपराधमुक्त किया जा सकता है।
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रेप पर राजनीति न हो

no one culprit will not live in parliament till 2015

नरेंद्र मोदी ने कहा कि चीन लगातार बूढ़ा होता जा रहा है और भारत जवान। हम बेहद सौभाग्यशाली हैं, जो उस समय संसद में बैठे हैं, जब भारत दुनिया का सबसे नौजवान देश है।

प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों को दो टूक कह दिया है कि किसी भी हालत में रेप जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति न की जाए। उन्होंने कहा, ‘मैं सभी नेताओं से अपील करता हूं कि हमें रेप जैसे संवेदनशील मुद्दे की मनोवैज्ञानिक समीक्षा नहीं करनी चाहिए।

क्या हमेशा इस संबंध में बयान देना जरूरी है? क्या हम इस मुद्दे पर चुप नहीं रह सकते? महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा देश के सभी लोगों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इस तरह की घटनाओं में विवादित बयान देकर हम मां-बहनों के सम्मान के साथ खेल रहे हैं।’

हम सिर्फ पिज्जा नहीं खाते हैं

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नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से हार-जीत की कड़वाहट भूलकर देश हित में काम करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, ‘अब हमें हार-जीत की कड़वाहट को भूल जाना चाहिए और राजनीति को आखिरी साल के लिए छोड़ देना चाहिए। अगले चार साल हमें सिर्फ राष्ट्रनीति करनी चाहिए।’

हम सिर्फ पिज्जा नहीं खाते हैं
भारत की विविधता को बताने के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा कि यहां सिर्फ पिज्जा ही नहीं खाया जाता है। यह वो देश है, जहां शुरुआत तो इडली से करते हैं और ऊपर पहुंचते-पहुंचते परांठे खाने लगते हैं। मोदी ने कहा कि पीएम, मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों को मिलकर टीम इंडिया बनानी चाहिए।

अब दिल्ली के फैसले राज्यों पर थोपे नहीं जाएंगे, बल्कि उनकी पूरी भागीदारी होगी। बड़े भाई वाला रौब अब नहीं चलेगा। उन्होंने कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री रह चुका हूं और अच्छी तरह से जानता हूं कि राज्य की उपेक्षा की जाती है, तो उसे कितनी पीड़ा होती है। अब ऐसा नहीं होगा।’

हर राज्य के पास है गुजरात मॉडल

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प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस राज्य में जो अच्छा हो रहा है, उसे ही अपनाएं, यही गुजरात मॉडल है। ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में अच्छा कर रही हैं। जयललिता ने अपने राज्य में अच्छा किया और मायावती ने यूपी में। सिक्किम में आर्गेनिक खेती अपने आप में विकास मॉडल है, जिसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। छोटी-छोटी चीजें मिलकर ही देश को विकास के पथ पर आगे ले जाएंगी।

मोदी के बयान की खास बातें
--विकास को जन आंदोलन बनाएंगे
--देश में सुराज का आंदोलन होगा
--गरीबों के विकास के लिए किए जाएंगे काम
--हाथ में हुनर हो, सिर्फ सर्टिफिकेट नहीं
--हमें सामूहिकता के बल पर चलना है
--राज्यों के बीच विकास की स्पर्धा हो
--पांच साल गांधी जी की 150वीं जयंती है, क्या हम उन्हें स्वच्छ भारत का निर्माण श्रृद्धांजलि नहीं दे सकते
--हिमालयन रेंज के लिए होगी कॉमन व्यवस्था
--रेप जैसी घटनाओं से देश में पर्यटन को पहुंचा है नुकसान
--विकास यात्रा पर छोटी-छोटी घटनाओं से लगा ब्रेक
--लोगों में भरोसा पैदा करना बेहद जरूरी
--हम विपक्ष को साथ लेकर चलना चाहते हैं
--अगर गांव विकसित होंगे, तो कोई उसे छोड़ना नहीं चाहेगा
--कृषि आधारित इंडस्ट्रीज पर फोकस करने की जरूरत
--हमारा लक्ष्य आखिरी गरीब तक कल्याणकारी योजना को पहुंचाना
--मुस्लिमों के जीवन में सुधार पर फोकस करना
--तकनीक का ज्यादा से ज्यादा और बेहतर इस्तेमाल

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