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उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता...
नई दिल्ली/राम शंकर
Updated Sat, 01 Dec 2012 11:38 AM IST
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उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता, जिस मुल्क की सरहद की निगेहबान है आंखें....। कुछ इसी अंदाज में मुल्क की सरहद की हिफाजत करता है बीएसएफ।
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1 दिसंबर, 1965 में गठित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जिम्मे देश की सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। चाहे कितनी भी मुश्किल परिस्थिति क्यों न हो, बीएसएफ ने हर समय अपनी अदम्य वीरता और साहस दिखाया है।
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भारत की सीमा नेपाल, पाकिस्तान, चीन, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश जैसे देशों से लगी है। विकट मौसम हो या दुर्गम परिस्थिति या फिर रेगिस्तान का इलाका, इन जगहों पर दुश्मनों की खतरनाक निगाहें भारतीय सीमा पर हर वक्त लगी रहती है। हर परिस्थिति में बीएसएफ ने दुश्मनों की मंशाओं को नेस्तनाबूद किया है।
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सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा भी बीएसएफ को ही दी गई है। साथ ही बॉर्डर पर होने वाले अपराधों जैसे तस्करी, घुसपैठ और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने की जिम्मेदारी भी इस पर है।
186 बटालियन (2,40,000 सैनिक) वाली बीएसएफ की गिनती दुनिया की सबसे ताकतवर संगठन में होती है। केएफ रूस्तमजी बीएसफ के पहले डायरेक्टर जनरल थे। रूस्तमजी को ही बीएसएफ को संस्थापक माना जाता है।
कश्मीर पर फिर से कब्जा किया था भारत ने
एक दिसंबर का दिन भारतीय इतिहास में बेहद मायने रखता है। आज के ही दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान को पराजित कर कश्मीर पर फिर से कब्जा किया था। वैसे 1971 में ही भारतीय सेना के आगे करीब 90 पाकिस्तानी सेनाओं ने घुटने टेक दिए थे। इस जीत के साथ ही दुनिया के नक्शे में बांग्लादेश नाम से नए मुल्क का उदय हुआ था।