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व्यापम घोटाला: उमा भारती ने इशारों में उठाई CBI जांच की मांग

Tue, 07 Jul 2015 08:31 AM IST
Updated Tue, 07 Jul 2015 08:31 AM IST
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No need of CBI investigation in Vyapam Scam: Rajnath

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने इशारों ही इशारों में व्यापम घोटाले की सीबीआई जांच कराए जाने की बात कही है। उनके इस बयान के बाद इस मामले में अब एक नया ट्विस्ट आ गया है। इसमें सबसे मजेदार बात तो यह रही कि उन्होंने विपक्ष को भी इस मुद्दे को जोर शोर से उठाने की अपील भी की। उनके इस बयान से जहां एक ओर एमपी सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती है वहीं विपक्ष का मनोबल भी ऊंचा हो जाएगा।

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पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के दौरान उन्होंने इस घोटाले में उनका नाम शामिल किए जाने का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा, 'जब मुझे पता चला कि मेरा नाम भी इसमें जोड़ दिया गया है मैं पूरी तरह से हैरान हो गई थी। मैंने कई दिनों तक मानसिक कष्ट का सामना किया। जाहिर सी बात है जब मेरा जैसा इनोसेंट व्यक्ति मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर सकता है तो ऐसे कई लोग होंगे जो इस दौर से गुजर रहे होंगे।'
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व्यापम घोटाले की CBI जांच की जरुरत नहीं: राजनाथ
आपको बता दें कि इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने व्यापम घोटाले में सीबीआई जांच की मांग को गैरजरूरी करार देते हुए इससे इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि इस मामले की जांच हाई कोर्ट की निगरानी में एसआईटी कर रही है और इसमें केंद्र सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट को ऐसा लगता है कि एसआईटी ठीक तरह से जांच नहीं कर रही और इस मामले में सीबीआई जांच की जरुरत है तो एमपी सरकार इसके लिए तैयार रहेगी।

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बीजेपी-संघ की है मिलीभगत: दिग्विजय

No need of CBI investigation in Vyapam Scam: Rajnath

आपको बता दें कि एमपी सरकार इस मुद्दे पर पुरी तरह से घिरती दिखाई दे रही है। इस मामले की पड़ताल कर रहे एक टीवी पत्रकार अक्षय सिंह की शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद यह मामला मीडिया में जोर शोर से उछाला जा रहा है।

इतना ही जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन अरुण शर्मा की दिल्ली के एक होटल में हुई मौत को भी व्यापम घोटाले से जोड़कर ही देखा जा रहा है। बताया जाता है कि अरुण शर्मा ने हाल ही में एसआईटी को व्यापम घोटाले से जुड़ी 200 पन्नों की फाइल सौंपी थी। गौरतलब है कि इस घोटाले से किसी न किसी तरह जुड़े कुल 45 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है लेकिन सरकार इस पर कुछ बोलने से बचती आ रही है। हालांकि, पत्रकार अक्षय की मौत के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इसकी विसेरा जांच राज्य के बाहर कराने की बात कहीं। साथ में उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी मौत को व्यापम से जोड़ना ठीक नहीं है।

आपको बता दें कि इस मुद्दे पर विपक्ष पूरी तरह से सरकार को घेरने में जुटी है और इसकी सीबीआई जांच की मांग कर रही है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, 'व्यापम को केवल एक घोटाला के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि यह बीजेपी और संघ की सरकारी भर्तियों में अपने लोगों को भर्ती करने की एक रणनीति है।'

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