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सूर्यनेल्ली गैंगरेपः कुरियन के खिलाफ जांच नहीं होगी

Wed, 13 Feb 2013 11:49 AM IST
तिरुवनंतपुरम/एजेंसी
तिरुवनंतपुरम/एजेंसी Updated Wed, 13 Feb 2013 11:49 AM IST
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no need for more probe against Kurien, experts tell kerala govt

सूर्यनेल्ली गैंगरेप मामले में घिरे राज्यसभा के उप सभापति पीजे कुरियन को लेकर विधि विशेषज्ञों ने केरल सरकार को मशविरा दिया है कि उनके खिलाफ नई जांच के आदेश देने की कोई जरूरत नहीं है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के लोक अभियोजक ने राज्य सरकार को सौंपी विधिक राय रिपोर्ट में कहा है कि इस मामले में पीड़ित लड़की ने कोई नए आरोप नहीं लगाए हैं। ये आरोप वह पहले भी लगा चुकी है जिनकी जांच हो चुकी है। यह लड़की अब फिर अपनी शिकायतों को दोहरा रही है जिनकी जांच की कोई जरूरत नहीं है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद राज्य सरकार ने कुरियन के खिलाफ दोबारा जांच को लेकर विधिक राय मांगी थी।

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गौरतलब है कि सूर्यनेल्ली गैंगरेप मामले में राज्यसभा उप सभापति पीजे कुरियन के विवाद में आने पर भाजपा और माकपा ने उनसे नैतिकता के आधार पर पद छोड़ने की मांग की है। वहीं कुरियन ने मंगलवार को अपनी स्थिति साफ करने के लिए राज्यसभा के सभापति मो. हामिद अंसारी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखे हैं।
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कुरियन का मामला लगातार तूल पकड़ने और संसद का बजट सत्र निकट होने से माना जा रहा है कि वे शायद ही अपनी कुर्सी बचा पाएंगे क्योंकि माकपा और भाजपा ने केरल की सड़कों पर उतरने के बाद अब दिल्ली में भी कुरियन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हालांकि भाजपा हाईकमान को इस मामले में अपना रुख साफ करने में कई दिन लग गये।
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पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडे़कर ने मंगलवार को कहा कि केरल में भाजपा कुरियन के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर आंदोलन कर रही है। मंगलवार को केरल से दो नेता आए थे और उन्होंने पार्टी हाईकमान को पूरी स्थिति से अवगत कराया। जावडे़कर ने कहा कि इसके बाद भाजपा का मानना है कि कुरियन को इस मामले से पाक-साफ साबित होने तक पद पर नहीं रहना चाहिए।


माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने भी कमोबेश यही बात कही। उन्होंने कहा कि कुरियन को नैतिकता के आधार पर अब कुर्सी पर नहीं रहना चाहिए, क्योंकि ऐसी हालात में उनके लिए सदन की कार्यवाही का संचालन कर पाना कठिन होगा। दूसरी तरफ कुरियन ने अंसारी व सोनिया को पत्र लिख कर अपना पक्ष बताया है। माना जा रहा है कि उन्होंने इस मामले में विभिन्न अदालतों के फैसलों का जिक्र किया है, जिनमें उन्हें बरी किया गया है।

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