ट्रेन में अब नहीं खींच पाएंगे चैन, जानिए क्यों?
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इमरजेंसी के समय ट्रेन को रोकने के लिए लगाई चैन अब इतिहास की बात हो जाएगी। क्योंकि रेलवे भारतीय ट्रेनों में लगी चैन को हटाने जा रहा है। इसका काम उत्तर प्रदेश में शुरू भी हो गया है। अगर ट्रेन में यात्रा करते समय यात्रियों को किसी इमरजेंसी का सामना करना पड़ता है। तो इस घड़ी मे एक मोबाइल नंबर लोगों की मदद करेगा।
रेल मंत्रालय के मुताबिक भारतीय रेलवे को प्रतिवर्ष चैन पुलिंग से 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान होता है। रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि बिना किसी वजह के ही लोग चैन पुलिंग करते हैं।
उत्तर प्रदेश के बरेली में इज्जतनगर में इस बाबत प्रयोग भी शुरू हो गया है। यहां पर ट्रेन में लगी चैन को हटाया जा रहा है। लोगों को इमरजेंसी के समय कोई दिक्कत न हो, इसलिए ट्रेन में ट्रेन के लोको पॉयलट और सहायक लोको पॉयलट का मोबाइल नंबर दिया जाएगा। किसी भी असुविधा के समय लोग उनके मोबाइल पर संपर्क करके अपनी समस्या के उन्हें बता सकते हैं।
नई ट्रेनों में अलॉर्म चैन नहीं होगी
उत्त्तर पूर्व रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि इज्जतनगर डिवीजन में सभी नई ट्रेनों में अलॉर्म चैन नहीं होगी। धीरे-धीरे यह व्यवस्था पूरे भारत भर में बनने वाले ट्रेन कोच में लागू कर दी जाएगी। रेलवे बोर्ड इस बाबत पहले ही एक नोटिफिकेशन जारी कर चुका है। मेटीनेंस वर्कशॉप में सभी ट्रेन कोच में से अलॉर्म चेन हटाने का काम भी शुरू हो गया है।
लोको पॉयलट और सहायक लोको पॉयलट के पास वॉकी टॉकी होगा। इस लोगों से आसानी से संपर्क हो जाए। इसलिए ट्रेन के हर तीसरे कोच में एक कर्मचारी लोगों की सुविधा के लिए तैनात होगा।
राजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी देश में लोग अपनी सुविधा के लिए चैन पुलिंग कर रहे हैं। ट्रेन में लगी अलॉर्म ट्रेन को सिर्फ आपातकालीन स्थिति पर ही खींचा जा सकता है। लोग अपने रिश्तेदारों के ट्रेन छूट जाने पर अलॉर्म चैन को खींच देते हैं।
रेलवे को बड़े राजस्व का घाटा
गौरतलब है कि केंद्रीय राज्य रेल मंत्री मनोज सिन्हा ने पिछले दिनों अपनी बरेली यात्रा के दौरान कहा था कि चैन पुलिंग के चलते देश भर में यूपी-बिहार में बड़े पैमाने पर ट्रेन देरी से अपने स्थान पर पहुंच रही थी। इसके चलते रेलवे को बड़े राजस्व का घाटा हो रहा था।
इज्जतनगर डिवीजन के डीआरम चंद्र मोहन जिंदल ने कहा कि इस बात से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है कि चैन पुलिंग से ही देश भर में बड़ी संख्या में ट्रेन देर से अपने स्थान पर पहुंच रही हैं। चैन पुलिंग की सबसे ज्यादा वारदात बिहार, यूपी, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में होती है।