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आरोपी मंत्री विनोद सिंह के खिलाफ अभी भी जांच नहीं
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Mon, 15 Oct 2012 02:13 PM IST
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गोंडा के सीएमओ को घर से उठा ले जाने के मामले में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह ने भले ही इस्तीफा दे दिया हो, पर उनके खिलाफ किसी तरह की जांच शुरू नहीं हो सकी है। न राज्य सरकार ने इसके लिए कोई आदेश दिए और न ही इस आपराधिक घटना की स्थानीय पुलिस ने अपने स्तर से रिपोर्ट दर्ज की। पीड़ित सीएमओ द्वारा तहरीर न दिए जाने की बात को आड़ बनाकर अफसर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। उधर, मंडलायुक्त संजीव मित्तल इस मामले की जांच मंगलवार के बाद ही शुरू कर सकेंगे।
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राज्य सरकार ने सीएमओ को घर से उठा ले जाने के मामले को गंभीर मानते हुए जिले के डीएम, एसपी, सीडीओ व सीएमओ सभी का तबादला कर दिया था। आरोपी मंत्री विनोद सिंह का इस्तीफा भी हो गया। मामले की जांच लखनऊ के मंडलायुक्त को दे दी गई और उन्हें एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए, पर आरोपी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत नहीं समझी गई। सरकार ने लखनऊ के मंडलायुक्त को ऐसे समय पर जांच दी है जब वे दिल्ली गए हुए हैं। बकौल मंडलायुक्त, 'उन्हें जांच के बारे में जानकारी नहीं थी, वे दिल्ली आ गए हैं। मंगलवार को वापस लौटने पर ही जांच शुरू कर सकेंगे।'
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गोंडा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को हटाए जाने के बाद इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि राज्य सरकार विनोद सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दे सकती है। लेकिन अपराध और मुकदमे की सामान्य प्रक्रिया पर भारी पड़े समीकरणों का नतीजा यह रहा कि आरोपी पूर्व मंत्री के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई या लिखत-पढ़त नहीं हो सकी है। गौरतलब है कि पहले यह कहा जा रहा था कि पीड़ित सीएमओ तहरीर देंगे तो मुकदमा भी दर्ज होगा। लेकिन पुलिस ने उनसे किसी तरह की तहरीर लेने की जरूरत नहीं समझी है। उल्लेखनीय है कि गृह सचिव कमल सक्सेना ने भी कहा था कि सीएमओ की तहरीर आने पर कार्रवाई होगी।
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गोंडा के नवनियुक्त पुलिस कप्तान नवनीत राणा फोन उठाने में कतराते रहे तो देवी पाटन मंडल के डीआईजी बीपी त्रिपाठी भी इस मामले में कोई जानकारी नहीं दे सके। प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव ने भी माना कि पूर्व मंत्री विनोद सिंह के खिलाफ राज्य सरकार ने किसी तरह की जांच के आदेश नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच कराई जा रही है।