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'जम्मू कश्मीर में अभी भी सतर्कता बरतने की जरूरत'

Thu, 08 Nov 2012 07:33 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 08 Nov 2012 07:33 PM IST
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no hasty decision on afspa issue in jk says ak antony

केंद्रीय रक्षा मंत्री एके एंटनी ने साफ कर दिया है कि वह जम्मू कश्मीर में लागू सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (एएफएसपीए) पर कोई भी फैसला लेने की जल्दी में नहीं हैं, क्योंकि सीमा पार से घुसपैठ की घटनाओं में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में भले ही हिंसा की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन फिर भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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एंटनी ने कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की इस बात से सहमत हूं कि राज्य में हिंसात्मक घटनाओं में कमी आई है। मगर घुसपैठ में कमी आने की बजाय बढ़ोतरी ही हुई है। हम जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं ले सकते। मैं अभी विस्तार से कुछ नहीं बता सकता, लेकिन इस संबंध में चर्चा चल रही है।’
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हाल ही में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ने मांग की थी कि इस विवादित अधिनियम को वापस ले लिया जाए क्योंकि अब राज्य में सुरक्षा की स्थिति पहले से बेहतर है। अब्दुल्ला ने कहा था कि वह अधिनियम को चरणबद्ध तरीके से हटाने के पक्ष में हैं क्योंकि इससे सशस्त्र बलों को असीमित अधिकार मिले हुए हैं।
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राज्य के कई हिस्सों में सरकार और राजनीतिक पार्टियों की ओर से इस नियम को हटाए जाने की मांग काफी समय से हो रही है। हालांकि रक्षा मंत्रालय और सेना इस अधिनियम को हटाए जाने का पुरजोर विरोध करते आए हैं। रक्षा मंत्री और उमर अब्दुल्ला के बीच कई बार इस मुद्दे को लेकर बैठक हो चुकी है।


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