पत्नी का पब-डिस्को जाना तलाक का आधार नहीं: हाईकोर्ट
बांबे हाईकोर्ट ने एक शख्स को इस आधार पर तलाक लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया कि उसकी पत्नी उस पर क्रूरता करती है और वह अक्सर पब जाती है। पति ने अदालत में दलील दी थी कि उसकी पत्नी बच्चे को छोड़कर अक्सर पब चली जाती है।
हाईकोर्ट ने परिवार अदालत के फैसले को उचित ठहराते हुए तलाक लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि उसकी पत्नी का यह व्यवहार क्रूरता नहीं मानी जा सकती।
जस्टिस विजया ताहिलरमानी और जस्टिस अनिल मेनन की पीठ ने कहा कि हमारे विचार से परिवार अदालत ने साक्ष्य देखकर न्यायोचित निर्णय किया।
16 साल से अलग रह रहे हैं पति-पत्नी
याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहा कि उसकी पत्नी ने उसके साथ क्रूरता की। पति ने पत्नी के अत्यधिक मेल-मिलाप, उसका पब और डिस्को जाना, बच्चे की अनदेखी करना, बर्तन फेंककर मारना, झूठे आरोप लगाने और हनीमून के दौरान हुई लड़ाई को क्रूरता बताया था।
अदालत ने कहा कि जहां तक डिस्को और पब जाने का सवाल है तो पूछताछ में स्पष्ट हो चुका है कि शादी से पहले दोनों पब और डिस्को जाया करते थे। हालांकि अदालत ने कहा कि साक्ष्यों से लगता है कि यह अनुचित और असंयमित व्यवहार है और शादीशुदा जिंदगी में ऐसे व्यवहार की आशा नहीं की जाती।
इस दंपति ने करीब 20 साल पहले शादी की थी, लेकिन वे 16 साल से अलग-अलग रह रहे हैं। उनका एक बालिग बेटा है, जो अपने पिता के साथ रहता है।