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वन्यजीव पार्कों में अब नहीं हो सकेगी मौज मस्ती

Sun, 07 Oct 2012 11:42 PM IST
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा Updated Sun, 07 Oct 2012 11:42 PM IST
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 no fun would be in wildlife parks
वन्य जीवों के पार्कों में अब पहले जैसी मौज मस्ती की छूट नहीं रहेगी। इन क्षेत्रों में रातभर म्यूजिक बजाकर शोर-शराबा करना भी अब आसान नहीं रहेगा। अदालत के  डंडे के बाद सक्रिय हुई केंद्र व राज्य सरकारें अब वन्य जीव क्षेत्रों खासतौर पर बाघों के अभ्यारण्यों में पर्यटकों की अंधाधुंध आवाजाही पर नजर रखने के लिए सहमत होती दिख रही हैं। हालांकि सभी सरकारें अब इन क्षेत्रों में आम पर्यटन की बजाए ‘इको टूरिज्म’ को बढ़ावा देने की वकालत करने लगी हैं।
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यदि यह योजना कागजी साबित नहीं हुई तो अभ्यारण्यों के बेलगाम पर्यटन पर लगाम कसी जा सकेगी। बाघ अभ्यारण्यों के कोर एरिया में जाने पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है। अब इस मामले पर नौ अक्टूबर को सुनवाई है। केंद्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय भी अदालत में अपना पक्ष रख चुका है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार के साथ ही बाघ अभ्यारण्य वाली सभी 16 राज्य सरकारें भी अब चाहती हैं कि इन क्षेत्रों में कुकरमुत्तों की तरह उग आए रिसोर्ट पर भी कोई टैक्स लगाया जाए। अदालत की बात को मानते हुए सरकारी तंत्र अब इन क्षेत्रों में नये रिसोर्ट बनाने पर पूरी तरह से रोक लगाने के पक्ष में है। इसी तरह इन अभ्यारण्यों में बने फाउंडेशनों के लिए धन जुटाने के लिए भी सरकारें सहमत हैं।
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देशभर में कुल 668 संरक्षित वन्यजीव क्षेत्र हैं जो कि देश के कुल भूभाग का पांच फीसदी है। इसी तरह देश में कुल 41 बाघ अभयारण्य हैं। वर्ष 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर आने के बाद इनकी संख्या 17 से बढ़कर 41 हो गई है, लेकिन जिस अनुपात में इनकी संख्या बढ़ी है। इससे ज्यादा यहां पर्यटकों की संख्या भी बढ़ गई है। इन पर कोई नियंत्रण भी नहीं रहा है। यह भी देखने में आया कि पर्यटक इन क्षेत्रों में रात-रात भर म्यूजिक बजाकर नाचते रहते हैं। इससे वन्यजीवों पर बुरा असर पड़ा है। बलगाम पर्यटन से वन्यजीवों की तस्करी काफी बढ़ गई है, जिस कारण यह मामला अदालत तक जा पहुंचा। खास बात यह है कि सरकारी तंत्र अब भी पर्यटन को बढ़ावा देने की वकालत कर रहा है, लेकिन ‘इको टूरिज्म’ के नाम पर। दूसरी ओर रिसोर्ट लॉबी किसी भी तरह का टैक्स देने अथवा नियंत्रण के दायरे में आने के खिलाफ अभी दे अपनी लामबंदी करने लगी है।
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