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'द्रमुक को नहीं चाहिए केबिनेट में कोई पद'
चेन्नई/एजेंसी
Updated Sun, 30 Sep 2012 10:30 PM IST
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यूपीए सरकार में प्रमुख सहयोगी दल द्रमुक ने साफ कर दिया है कि अगर केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल होता है, तो वह उसमें कोई नया स्थान नहीं मांगेंगे। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम करुणानिधि ने पार्टी के मुखपत्र ‘मुरासोली’ में तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा, ‘अगर यूपीए सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव होते हैं, तो भी द्रमुक का कोई प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं होगा।’
तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद अब द्रमुक 18 सांसदों के साथ सबसे बड़ा सहयोगी दल है। प्रधानमंत्री के दूत के तौर पर केंद्रीय मंत्री वी नारायण सामी करुणानिधि को मनाने के लिए पहुंचे थे, इसके पांच दिन बाद करुणानिधि का यह बयान सामने आया है। माना जा रहा था कि द्रमुक ने उसी समय इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। 2जी घोटाले में फंसे ए राजा और दयानिधि मारन के इस्तीफों के बाद से ही सरकार में उनके कोटे के दो पद खाली पड़े हुए हैं।
समर्थन जारी रखने पर फैसला सोमवार को
द्रमुक यूपीए सरकार को समर्थन देने अथवा नहीं देने पर अंतिम निर्णय सोमवार को यहां होने वाली पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में करेगी। केंद्र द्वारा खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अनुमति देने, डीजल का दाम बढ़ाने और रियायती दरों पर मिलने वाले सिलेंडरों की संख्या में कटौती करने के बाद यह अटकलें लगाई जाने लगी थी कि द्रमुक सरकार से समर्थन वापस ले सकती है।
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पार्टी केंद्र सरकार के इन निर्णयों के खिलाफ भी थी लेकिन पार्टी प्रमुख एवं तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के यह कहने के बाद कि उनकी पार्टी सदैव गठबंधन धर्म का पालन करेगी, समर्थन वापस लेने की अफवाहें धूमिल पड़ गई हैं। द्रमुक ने जन वितरण प्रणाली के जरिए बेची जाने वाली शक्कर की कीमतों में वृद्धि की अफवाहों पर भी नाराजगी जताई थी। पार्टी प्रमुख प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी को मंत्रिमंडल में दो सीटें देने पर भी नाराज हैं। ये दोनों सीटें द्रमुक के सांसदों ए. राजा और करुणानिधि के रिश्तेदार दयानिधि मारन के टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में फंसने के कारण खाली हुई थी।
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तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद अब द्रमुक 18 सांसदों के साथ सबसे बड़ा सहयोगी दल है। प्रधानमंत्री के दूत के तौर पर केंद्रीय मंत्री वी नारायण सामी करुणानिधि को मनाने के लिए पहुंचे थे, इसके पांच दिन बाद करुणानिधि का यह बयान सामने आया है। माना जा रहा था कि द्रमुक ने उसी समय इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। 2जी घोटाले में फंसे ए राजा और दयानिधि मारन के इस्तीफों के बाद से ही सरकार में उनके कोटे के दो पद खाली पड़े हुए हैं।
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समर्थन जारी रखने पर फैसला सोमवार को
द्रमुक यूपीए सरकार को समर्थन देने अथवा नहीं देने पर अंतिम निर्णय सोमवार को यहां होने वाली पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में करेगी। केंद्र द्वारा खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अनुमति देने, डीजल का दाम बढ़ाने और रियायती दरों पर मिलने वाले सिलेंडरों की संख्या में कटौती करने के बाद यह अटकलें लगाई जाने लगी थी कि द्रमुक सरकार से समर्थन वापस ले सकती है।
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पार्टी केंद्र सरकार के इन निर्णयों के खिलाफ भी थी लेकिन पार्टी प्रमुख एवं तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के यह कहने के बाद कि उनकी पार्टी सदैव गठबंधन धर्म का पालन करेगी, समर्थन वापस लेने की अफवाहें धूमिल पड़ गई हैं। द्रमुक ने जन वितरण प्रणाली के जरिए बेची जाने वाली शक्कर की कीमतों में वृद्धि की अफवाहों पर भी नाराजगी जताई थी। पार्टी प्रमुख प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी को मंत्रिमंडल में दो सीटें देने पर भी नाराज हैं। ये दोनों सीटें द्रमुक के सांसदों ए. राजा और करुणानिधि के रिश्तेदार दयानिधि मारन के टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में फंसने के कारण खाली हुई थी।