राहुल की नई टीम में उम्र की कोई शर्त नहीं
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भले ही यह कह कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया हो कि पार्टी में अब 60 या उससे ऊपर के उम्र के लोगों के लिए दरवाजे बंद हो जाएंगे।
मगर राहुल गांधी के करीबी लोगों का कहना है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष की नई टीम में शामिल होने के लिए उम्र कोई शर्त नहीं है, यह मात्र भ्रम फैलाने की कोशिश है।
जयराम की टिप्पणी के बाद राहुल लॉबी के लोगों ने अनौपचारिक तौर से स्पष्ट करने की कोशिश की है कि नई टीम में कई बुजुर्ग नेता शामिल होंगे। जो पार्टी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
राहुल के करीबी लोगों ने दिए संकेत
राहुल से जुड़े लोगों का कहना है कि जिन लोगों को अपनी कुर्सी खतरे में लग रही है। वही इस तरह की बात कर विवाद खड़ा कर रहे हैं। राहुल की नई टीम में एके एंटनी, मधुसूदन मिस्त्री, सीपी जोशी जैसे बुजुर्ग नेताओं का आना तय है।
पिछले महीने मथुरा में यूपी कांग्रेस की चिंतन बैठक में राहुल ने साफ कहा था कि उनकी नई टीम के लिए युवा होना कोई शर्त नहीं है। पार्टी की ताकत युवा और वरिष्ठ नेताओं का अनुभव होगी।
दरअसल, राहुल अगले साल की शुरुआत में पार्टी की कमान संभल सकते हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष की ताजपोशी के नजदीक आते ही पार्टी के अंदर हलचल तेज हो गई है। कई नेताओं को अपनी कुर्सी खतरे में लग रही है।
जयराम रमेश ने खड़ा किया विवाद
जयराम से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी और दिग्विजय सिंह भी एक तय उम्र सीमा के बाद राजनीति से रिटायरमेंट होने की पैरवी कर चुके हैं। मगर इन दोनों नेताओं ने अभी तक खुद के राजनीति से संन्यास लेने का एलान नहीं किया।
वहीं पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने एक कदम आगे जाते हुए खुद के राजनीति से संन्यास लेने का खुलकर एलान कर दिया था। उन्होंने कहा था कि 15 जनवरी 2015 को वह 65 साल के हो जाएंगे और उसके बाद राजनीतिक को छोड़ देंगे।
इन सब बातों को लेकर राहुल के करीबी नेताओं से अमर उजाला ने बातचीत की। इन नेताओं का कहना था कि नई टीम में कई मौजूदा पदाधिकारियों को जगह नहीं मिलेगी। मगर उनको बाहर करने का कारण उम्र नहीं है।