विशेष दर्जे के लिए जान की परवाह नहीं: नीतीश

सुपौल/एजेंसी Updated Sat, 29 Sep 2012 09:18 PM IST
nitish said no care of life for special status
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य को विशेष दर्जा दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य के साढे़ दस करोड़ लोगों को उनका वाजिब अधिकार दिलाने में उनकी जान भी चली जाती है तो उन्हें इसकी परवाह नहीं है।

अधिकार यात्रा के क्रम में शनिवार को सुपौल पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा में बाधा पहुंचाने के लिए उनके काफिले पर पथराव तथा आगजनी की जा रही है। लोकतंत्र बातचीत से चलता है न कि हिंसक रूप अपनाकर। इन घटनाओं से मैं घबराने वाला नहीं हूं। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाने का संकल्प हर हाल में पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 से ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास जारी हैं। इसके लिए विधानसभा और विधान परिषद में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी दलों ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए उन्हें अधिकृत किया था, लेकिन प्रधानमंत्री से मिलने के लिए बार-बार समय की मांग किए जाने के बावजूद उन्हें कभी समय नहीं दिया गया।

कुमार ने कहा कि बिहार को विशेष दर्जा देने के लिए सवा करोड़ लोगों का हस्ताक्षर वाला पत्र प्रधानमंत्री को सौंपा गया था। पीएम ने इस मामले पर एक कमेटी भी बनाई थी लेकिन कमेटी ने बिहार का पक्ष जाने बिना ही अपनी रिपोर्ट केंद्र को भेज दी। रिपोर्ट में सूबे की मांग को तकनीकी आधार पर निरस्त कर दिया गया। इस मौके पर जदयू प्रमुख शरद यादव ने कहा कि बिहार से यदि झारखंड अलग नहीं होता तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मांगने की जरूरत नहीं पड़ती।

खगड़िया हिंसा मामले की एसआईटी जांच के आदेश
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अधिकार यात्रा के दौरान दो दिन पहले खगड़िया जिले में हुई हिंसा की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया है। एसपी एस. कुमार झा के नेतृत्व में गठित जांच टीम को अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय मे जमा कराने को कहा गया है। वहीं शनिवार को दो और लोगों के पकड़े जाने के बाद इस मामले में गिरफ्तार हुए लोगों की संख्या 37 हो गई है। पुलिस ने शुक्रवार को कुल 673 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

'बिहार में इस समय अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं। विशेषकर उन जिलों में जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी अधिकार यात्रा के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे हैं। विपक्ष के नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया जा रहा है। इसमें से 926 राजद के हैं। दुकानें और बाजार बंद हैं। नीतीश कुमार को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
- अब्दुल बारी सिद्दीकी, राजद नेता

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