अब तीसरे मोर्चे को धार देने में जुटे नीतीश
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तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के बाद अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी तीसरे विकल्प की सियासत को एकजुट करने में जुट गए हैं।
इस क्रम में उन्होंने सोमवार को वामदलों के शीर्ष नेताओं के साथ चुनाव से पूर्व गैरकांग्रेस-गैरभाजपा मोर्चा खड़ा करने के साथ बिहार में चुनावी तालमेल पर चर्चा की।
बैठक में लोकसभा सत्र के बाद संसद में गैरभाजपा-गैरकांग्रेस ब्लॉक का गठन करने वाले 11 दलों की बैठक बुलाने और बंगलूरू के साथ-साथ पटना या लखनऊ में बड़ी रैली आयोजित करने पर प्रारंभिक चर्चा हुई।
जदयू-वाम दल मिलकर लड़ेंगे चुनाव
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के निवास पर हुई इस बैठक में नीतीश ने माकपा महासचिव प्रकाश करात, भाकपा नेता एबी बर्धन, फारवर्ड ब्लॉक के महासचिव देवब्रत विश्वास के साथ करीब एक घंटा चर्चा की।
जदयू और वाम दलों के बीच बिहार में मिलकर चुनाव लड़ने पर सहमति बन गई है। सीटों के बंटवारे पर इन नेताओं की एक और बैठक होगी।
उधर, जदएस के महासचिव दानिश अली ने इसे अनौपचारिक बैठक बताया है। दानिश के अनुसार चूंकि नीतीश दिल्ली में थे, इसलिए उन्होंने देवगौड़ा के निवास पर वामदलों के नेताओं के साथ नाश्ते पर चर्चा करने का निर्णय लिया।
बैठक में एक साथ आए 11 गैरभाजपा-गैरकांग्रेस दलों की सत्र के बाद बैठक बुलाने और आगे की रणनीति पर फैसला लेने पर सहमति बनी है।
चंद्रबाबू ने की ममता से मुलाकात
लोकसभा चुनावों से पहले फेडरल फ्रंट के गठन पर चर्चा को लेकर तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी से मुलाकात की।
बैठक के बाद नायडू ने कहा कि फेडरल फ्रंट के गठन को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ चर्चा चल रही है।
टीडीपी प्रमुख ने बैठक को ‘सकारात्मक’ करार देते हुए उम्मीद जताई कि आम चुनावों के बाद फेडरल फ्रंट की सरकार बनाने के लिए वे जरूरी नंबर जुटा लेंगे।
ममता ने किया फेडरल फ्रंट का आह्वान
हालांकि फेडरल फ्रंट का नेतृत्व करने वाली पार्टी के बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया। तेलंगाना मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने इसका विरोध किया था।
ममता बनर्जी ने आह्वान किया था कि सभी गैर कांग्रेसी और गैर भाजपा पार्टियों को एक साथ आना चाहिए और लोकसभा चुनावों से पहले फेडरल फ्रंट बनाना चाहिए।
यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और वाम दलों ने दिल्ली में अन्य पार्टियों के साथ नाश्ते की टेबल पर बैठक की।