नीतीश ने राष्ट्रपति के सामने कराई विधायकों की परेड
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बिहार में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच हाइकोर्ट ने बेशक नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुने जाने की पूरी प्रकिया को असैंवधानिक ठहरा दिया हो लेकिन नीतीश कुमार कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं हैं।
खुद को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग को लेकर नीतीश कुमार पटना से साथ आए विधायकों को बसों में भरकर राष्ट्रपति के सामने परेड कराने पहुंच गए। नीतीश के साथ उनके नए हमराह बने राजद नेता लालू प्रसाद यादव सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और शरद यादव मौजूद रहे।
कुल 130 विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंचे नीतीश कुमार ने विधायकों की परेड कराकर खुद को मुख्यमंत्री की शपथ दिलाए जाने का दावा ठोक दिया। राष्ट्रपति के सामने जदयू के 99, राजद के 24, कांग्रेस 5, भाकपा का एक और एक निर्दलीय विधायक पेश हुआ। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि हमने यह बात राष्ट्रपति जी से बताई है कि हमारे पास बहुमत है।
मामले में देरी से खरीद फरोख्त को मिल रहा बढ़ावा
हमे राजद के अलावा कांग्रेस और सीपीआई ने भी अपना समर्थन दिया है। इस कड़ी में हम राज्यपाल से भी मिल चुके हैं इसलिए जल्द से जल्द इस मामले में फैसला होना चाहिए। नीतीश ने आरोप लगाया मामले में देरी के चलते राज्य में हार्स ट्रेडिंग को बढ़ावा मिल रहा है।
जिसके चलते सूबे में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती जा रही है। हम लोगों ने महामहीम राष्ट्रपति से अपील की है कि जल्द से जल्द मामले में कोई निर्णय लिया जाए।
नीतीश ने बताया कि राष्ट्रपति ने हमारी बात सुनने के बाद आश्वासन दिया है कि कि इस बारे में राज्यपाल से बात कर जल्द से जल्द निर्णय लिया जाएगा।
Ab bihar ki baari hai, sab taiyaari hai : RJD Chief Lalu Prasad Yadav pic.twitter.com/sPvXhuDldL
— ANI (@ANI_news) February 11, 2015
पप्पू यादव कुछ भी बोलता रहे मैं सुनता नहीं: लालू
इस दौरान नीतीश भाजपा पर आरोप लगाने से भी नहीं चूके कहा कि दिल्ली की शह के चलते ही इस पूरे प्रकरण में देरी हो रही है। उन्होंने मांग की राज्यपाल वर्तमान मुख्यमंत्री को बहुमत साबित करने के लिए कहें और अगर वे ऐसा न कर पाएं तो फिर उन्हें मौका दिया जाए।
इस दौरान लालू यादव ने भी पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यह पार्टी जो दिल्ली में तीन पर सिमट गई वह बिहार में सरकार बनाने के सपने देख रही है।
उन्होंने पप्पू यादव द्वारा मांझी का समर्थन करने की बात पर कहा कि पप्पू यादव क्या बोलता है यह मैं सुनता भी नहीं हूं। वो कुछ भी बोलता रहे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
नीतीश खुद खरीद फरोख्त के मास्टर: भाजपा
वहीं लालू नीतीश के हमले के बाद भाजपा ने भी उन पर पलटवार कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि नीतीश कुमार सत्ता के लिए उतावले हुए जा रहे हैं। जब राज्यपाल इस मामले को देख रहे हैं तो फिर विधायकों को राष्ट्रपति के यहां लाकर ड्रामा करने की क्या जरूरत थी।
खरीद फरोख्त के आरोपों पर शाहनवाज ने कहा कि नीतीश कुमार खुद इस काम के मास्टर हैं इसलिए वह दूसरों को भी इसी चश्मे से देखते हैं। वहीं बिहार भाजपा के बड़े नेता सुशील मोदी ने भी नीतीश कुमार को हॉर्स ट्रेडिंग का मास्टर बताते हुए कहा कि वह जानबूझकर यह राजनीतिक ड्रामा कर रहे हैं। जिससे उन्हें लोगों की सहानभूति मिल सके। राज्यपाल जब मामले को देख ही रहे हैं तो वो खुद ही इस पर निर्णय लेते।
वहीं लालू यादव के आरोपों पर उन्हीं की पार्टी के सांसद पप्पू यादव ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पप्पू यादव ने कहा कि यहां कौन से द्रौपदी के चीरहरण पर लड़ाई हो रही है। नीतीश लालू जो यह सब कर रहे हैं वह बिहार की राजनीति के हिसाब से ठीक नहीं है। विधायकों के शक्ति परीक्षण की जरूरत सदन में थी वहीं करने चाहिए थे यहां लाने की क्या जरूरत थी।
लालू यादव के पुराने साथी रामकृपाल यादव ने भी नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बहुमत का प्रदर्शन सदन में करना चाहिए बाहर नहीं। क्या नीतीश कुछ समय इंतजार नहीं कर सकते जो विधायकों को इस तरह लिए घूम रहे हैं। रामकृपाल ने आरोप लगाया कि नीतीश सत्ता के लालची हो गए हैं इसलिए यह सब ड्रामा किया जा रहा है।