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मोदी का इफेक्ट: नीतीश का इस्तीफा

Sun, 18 May 2014 12:40 AM IST
Updated Sun, 18 May 2014 12:40 AM IST
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nitish kumar resigned in bihar

लोकसभा चुनावों का साइड इफेक्ट दिखना शुरू हो गया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आज राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। नीतीश ने लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है।

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लोकसभा चुनाव में जदयू ने मात्र दो सीटें हासिल की हैं। नीतीश कुमार को नरेंद्र मोदी के धुर विरोधियों में गिना जाता है।

नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्होंने भाजपा के साथ डेढ़ दशक पुरान गठबंधन तोड़ दिया था। लोकसभा चुनाव में जदयू ने किसी भी दल के साथ गठबंधन भी नहीं किया था।
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'जनता ने नीतीश को नकार दिया है'

nitish kumar resigned in bihar

नीतीश के इस्तीफे पर बिहार के राज्य भाजपा अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि नीतीश ने अपने काम के बल पर बिहार की जनता से वोट मांगा। लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया। ऐसे में उनका इस्तीफा देने ही ठीक था।

जदयू प्रवक्ता अली अनवर ने कहा कि नीतीश से इस्तीफा देकर हार की नैतिक जिम्‍मेदारी ली है। उन्होंने नैतिकता उच्च मानदंड स्‍थापित किया है।

भाजपा नेता रमेश चौरसिया ने कहा कि नीतीश नैतिकता की बात कर अपने मुंह‌ मियां मिट्ठू बन रहे हैं।

प्रेस कंफ्रेंस में नीतीश ने स्वीकारी हार

nitish kumar resigned in bihar

राज्यपाल को अपना स्तीफा सौंप नीतीश कुमार ने मीडिया के सामने अपनी हार स्वीकार की। नीतीश कुमार ने कहा कि जनता ने बीजेपी जो जनादेश दिया है उसका मैं सम्मान करता हूं।

उन्होंने कहा कि बिहार में वह अपनी पार्टी के चुनाव अभियान का नेतृत्व कर रहा था और चुनावों में जो परिणाम आए हैं उसकी वह नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं।

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'बिहार में नया ट्रेंड देखने को मिला'

nitish kumar resigned in bihar

मीडिया से मुखातिब नीतीश ने कहा कि इस बार के चुनावों में बिहार में एक नया ट्रेंड देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि यहां नीतियों और मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाता था लेकिन इस बार संप्रदायिक माहौल बनाया गया है जो बिहार की राजनीति के लिए ठीक नहीं है।

नीतीश ने कहा कि उन्होंने मर्यादाओं का पालन करते हुए चुनाव प्रचार किया। लेकिन जनता से अपेक्ष‌ित समर्थन नहीं मिला। जनादेश का जो स्पष्ठ रुख है उसका वह सम्मान करते हैं।

'युवा पीढ़ी को दिखाए गए सपने'

nitish kumar resigned in bihar

नीतीश प्रेस कंफ्रेंस के माध्यम पर भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी चुटकी ली और कहा कि देश के युवाओं रोजगार देने के सपने दिखाए गए हैं। उन्हें उम्मीद है आने वाली सरकार अपने वादों पर खरी उतरेगी।

उन्होंने कहा 'हम भी उम्मीद करेंगे कि अच्छे दिन आ गए हैं। भारी जनादेश पाने वाली पार्टी को हमारी शुभकामनाएं हैं।'

इस दौरान नीतीश ने साफ किया कि विधान सभा नहीं भंग की जाएगी लेकिन दूसरी पार्टी को सरकार बनाने का विकल्प खुला रखा गया है।

बिहार में राष्ट्रपति शासन या चुनाव?

nitish kumar resigned in bihar

नीतीश के इस्तीफे के बाद ये सवाल उठने लगा है कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा या चुनाव होगा। नीतीश के इस्तीफे के साथ ही मंत्रिपरिषद ने भी इस्तीफा सौंप दिया है।

नई सरकार के मुद्दे पर भाजपा ने कहा हैकि इस मुद्दे पर जदयू विधायकों की राय ली जानी चाहिए। वहीं, बिहार के भाजपा नेता गिरिराज स‌िंह ने कहा है कि नीतीश के इस्तीफे के बाद लगे हाथ बिहार में भी सरकार बना लेते हैं।

शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सुशील कुमार मोदी ने भी इस्तीफे की मांग की थी।

2005 में नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री बने थे

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2005 में बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा और जदयू की जीत के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे। 2010 में भी इसी गठबंधन ने दोबारा जीत हासिल किया।

2010 में जदयू ने 141 और भाजपा ने 91 सीटें जीतीं थीं। लेकिन पिछले वर्ष जब भाजपा में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की सुगबुगाहट तेज हुई तो उन्होंने गठबंधन तोड़ दिया।

गठबंधन तोड़ने के बाद जदयू में टूट फूट भी खूब हुई। अलग-अलग कारणों से जदयू के कई नेताओं ने पार्टी छोड़ दी।

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