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इस्तीफा देकर दांव खेल गए नीतीश

Sun, 18 May 2014 06:49 PM IST
Updated Sun, 18 May 2014 06:49 PM IST
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Nitish Kumar play trump card in bihar after bjp's massive win

लोकसभा चुनाव में करारी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया है।

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हालांकि नैतिकता के बहाने कुर्सी छोड़ने का नीतीश का यह फैसला बड़ा राजनीतिक मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।

इस्तीफे का फैसला उन्होंने राज्य की राजनीति में भाजपा की भारी बढ़त और राजद को कमजोर बनाने की रणनीति के तहत लिया है।

हकीकत से वाक‌िफ थे नीतीश

Nitish Kumar play trump card in bihar after bjp's massive win

दरअसल नीतीश को लगता है कि उनके इस फैसले से केंद्र की राजनीति में भाजपा के उभार से चिंतित मुस्लिम बिरादरी जहां विधानसभा चुनाव में उन्हें थोक में वोट देगी।

वहीं, भाजपा के स्थानीय नेतृत्व को एक सर्वमान्य चेहरा तलाशने में भी दिक्कत हो सकती है।

वैसे भी नीतीश को यह अच्छी तरह पता था कि बेहद विपरीत राजनीतिक परिस्थितियों में वह अपनी अल्पमत सरकार की गाड़ी जितनी लंबी खींचने की कोशिश करते, उनकी सरकार की साख को उतना ही बट्टा लगता।

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जमीन तलाशने में जुटी JD(U)

Nitish Kumar play trump card in bihar after bjp's massive win

हालांकि यह भी बड़ी सच्चाई है कि चूंकि अब वहां विधानसभा को भंग कर चुनाव कराने का निर्णय केंद्र की नई सरकार को करना है।  

लोकसभा चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान अपने करीब आधा दर्जन विधायक को निलंबित कर नीतीश की सरकार अल्पमत में आ गई थी।

करारी हार के बाद जहां जदयू में नीतीश के खिलाफ मोर्चा खुलने की मजबूत जमीन तैयार हो रही थी, वहीं उनकी सरकार पूरी तरह से कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों के समर्थन के रहमोकरम पर टिकी थी।

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शुक्रवार को ही ले ल‌िया था फैसला

Nitish Kumar play trump card in bihar after bjp's massive win

विरोध की जमीन तैयार होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नतीजे आने के बाद बुलाई गई कैबिनेट की बैठक में आधे मंत्रियों ने शिरकत करना तक जरूरी नहीं समझा।

नीतीश पर मंत्रिमंडल विस्तार का दबाव भी पड़ने लगा तो दूसरी ओर उनके पास जदयू विधायकों के पाला बदलने की भी पुख्ता सूचना आई।

इसके बाद नीतीश को लगा कि अगर मंत्री पद को रेबड़ियों की तरह बांटा गया तो पहले से लड़खड़ा चुकी सरकार की साख भी जाते देर नहीं लगेगी। जदयू सूत्रों का कहना है कि इसके बाद ही नीतीश ने बीते शुक्रवार की रात ही इस्तीफा देने का निर्णय किया।

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