नीतीश कुमार ने हासिल किया विश्वासमत
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बिहार विधानसभा में लंबे समय तक चली राजनीतिक उठापटक का आखिरी अध्याय भी आज खत्म हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में भारी बहुमत से विश्वासमत हासिल कर लिया। विश्वासमत के दौरान उन्हें 233 सदस्यीय विधानसभा में कुल 140 वोट मिले।
इससे पहले जेडीयू नेता नीतीश कुमार को पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा इस्तीफा देने के बाद दोबारा बिहार का मुख्यमंत्री चुना गया था। जिसके बाद उन्हें विश्वासमत हासिल करने के लिए 11 मार्च तक की समयसीमा दी गई थी।
बड़ी बात ये रही कि मांझी के पक्ष में जेडीयू से विद्रोह करने वाले मांझी गुट के विधायकों ने भी नीतीश कुमार के पक्ष में मतदान किया। बताया गया कि पार्टी व्हिप के चलते उन्हें ऐसा करना पड़ा। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी इस दौरान अनुपस्थित रहे।
इसके अलावा लालू प्रसाद यादव की आरजेडी और कांग्रेस विधायकों ने भी नीतीश कुमार के पक्ष में मतदान किया। दूसरी ओर भाजपा ने सदन से वाकआउट कर दिया था। इस दौरान विधानसभा में काफी गहमागहमी रही।
मांझी की बगावत के कारण बिगड़े थे हालात
गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा अपनी पार्टी जेडीयू से बगावत करने के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल मचा हुआ था। लगातार बगावती तेवरों के चलते जेडीयू ने पार्टी से निष्कासित करते हुए नीतीश कुमार को अपना नेता चुन लिया था।
लेकिन मांझी के इस्तीफा न देने के कारण लगातार राज्य में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई थी। यही कारण रहा कि सत्ता के दो गुट सामने आने के कारण राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को मांझी को बहुमत साबित करने के लिए कहना पड़ा।
हालांकि बहुमत साबित करने से पहले ही 20 फरवरी को मांझी ने इस्तीफा देकर नीतीश के सत्ता संभालने की राह आसान कर दी थी। जिसके बाद राज्यपाल ने नीतीश को मुख्यमंत्री की शपथ दिलाते हुए 11 मार्च तक विश्वासमत हासिल करने के लिए कहा था।