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गडकरी का भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा

Tue, 22 Jan 2013 10:22 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 22 Jan 2013 10:22 PM IST
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nitin gadkari resigns as bjp chief

भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद पार्टी में भारी विरोध के आगे घुटने टेकते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मंगलवार को पद से आखिरकार इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अध्यक्ष पद की दौड़ में दो नाम राजनाथ सिंह और वैंकेया नायडू सामने आए हैं। सिंह और नायडू पहले भी भाजपा अध्यक्ष का पद संभाल चुके हैं।

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सूत्रों के अनुसार फिलहाल राजनाथ का नाम इस रेस में आगे है। बुधवार सुबह 9.30 बजे भाजपा संसदीय दल की बैठक होगी, जिसमें नए अध्यक्ष का नाम तय होगा। गडकरी ने इस्तीफा देते हुए कहा है कि अब दोबारा मैं भाजपा अध्यक्ष पद की दावेदारी नहीं करूंगा। अब मैं तभी लौटूंगा जब भ्रष्टाचार के आरोपों से बेदाग साबित हो जाऊंगा।
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मंगलवार की रात को अचानक भाजपा के अंदर घटनाक्रम तब बदला जब सुषमा स्वराज, वैंकेया नायडू, अरुण जेटली और रामलाल की बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार परिस्थितियों पर विचार करने के बाद गडकरी से बातचीत की गई। गडकरी ने राजनाथ के नाम पर सहमति व्यक्त करते हुए इस्तीफे की पेशकश कर दी।
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उल्लेखनीय है कि पार्टी में ही गडकरी का विरोध तेज हो गया था। यशवंत सिन्हा उनके खिलाफ चुनाव लड़ने का मन बना रहे थे। जबकि वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का गडकरी को दूसरी बार अध्यक्ष बनान का विरोध जगजाहिर था।

कई अन्य नेता भी गडकरी पर सवाल उठा रहे थे कि जब उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं तो उनके नेतृत्व में अगले साल आम चुनाव कैसे लड़ा जा सकता है? हालांकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरी ताकत से गडकरी के पीछे खड़ा था।

सूत्रों के अनुसार संघ की जिद को देखते हुए आडवाणी कैंप सुषमा स्वराज के पक्ष में था। माना जा रहा है कि संघ पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत ही वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा गया। चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके महेश जेठमलानी के बाद सिन्हा ने मंगलवार को नामांकन पत्र और मतदाता सूची मंगा ली थी।


असल में गडकरी विरोधी खेमा अपनी रणनीति में सफल रहा और इसके बाद ही संघ और भाजपा नेताओं के बीच बैठकों का दौर शुरू हुआ। बहरहाल, इस खींचतान के बाद अब सभी की निगाहें बुधवार को होने वाले नामांकन पर टिकी हैं। जिसमें सूत्रों के अनुसार राजनाथ का चुना जाना तय है।

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