मोदी सरकार के लिए फिर फजीहत बने गडकरी
भाजपा के कद्दावर नेता और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी पूर्ति ग्रुप को लेकर एक बार फिर घिरते नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस ने शुक्रवार को पूर्ति ग्रुप को ब्याज रहित लोन का मामला राज्यसभा में उठाया और गडकरी के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस के जोरदार हंगामे के चलते शून्य काल और प्रश्न काल स्थगित करना पड़ा। पार्टी ने संकेत दिया है कि वह इस मामले पर फिलहाल पीछे नहीं हटेगी।
इससे पहले भी पूर्ति ग्रुप की आर्थिक गड़बड़ियों को लेकर गडकरी पर गंभीर आरोप लगे थे। तब वह भाजपा के अध्यक्ष थे। कांग्रेस सांसद शांताराम नायक ने शून्यकाल शुरू होते ही पूर्ति ग्रुप को मुहैया कराए गए लोन की अनियमितताओं को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की विपरीत टिप्पणी का मुद्दा उठा दिया।
नितिन की गिरफ्तारी की मांग
कांग्रेसी सांसद नारे लगाते हुए उपसभापति के आसन के सामने चले आए। वे गडकरी की गिरफ्तारी और फौरन इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
उपसभापति पीजे कुरियन ने आपत्ति जताई कि शून्यकाल के दौरान किसी मंत्री पर आरोप नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए विपक्ष सदन के नियमों का पालन करे। लेकिन कांग्रेस ने उपसभापति की एक नहीं सुनी। सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 12 बजे प्रश्न काल की शुरुआत होते ही कांग्रेस सांसद फिर आसन तक आकर नारेबाजी करने लगे। यही सिलसिला दोपहर बाद प्राइवेट मेंबर बिल के दौरान भी चलता रहा।
कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इस मामले की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। नायक ने रिपोर्ट का खुलासा करते हुए कहा कि पूर्ति ग्रुप की कंपनी पूर्ति साखर कारखाना लिमिटेड को नवीन अक्षय ऊर्जा मंत्रालय से ब्याज रहित वैसा लोन मुहैया कराया गया जिसके लिए कंपनी योग्य नहीं थी। गौरतलब है कि पूर्ति ग्रुप को गडकरी के नजदीकी रिश्तेदारों का माना जाता है। गडकरी इस ग्रुप के बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं।