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भाजपा अध्यक्ष की दौड़ में गडकरी सबसे आगे

Wed, 26 Dec 2012 09:16 AM IST
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा Updated Wed, 26 Dec 2012 09:16 AM IST
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nitin gadkari in forefront of bjp president race

गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव निपट जाने के साथ ही भाजपा में अब नए अध्यक्ष के लिए शह और मात का खेल शुरू हो गया है। दिल्ली में भाजपा के बड़े नेता अब भी मौजूदा अध्यक्ष नितिन गडकरी की राह में कांटे बिछाने में लगे है, जबकि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अब भी गडकरी के साथ है।

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शह और मात के इस खेल में गडकरी अब भी सबसे आगे हैं। हालांकि भाजपा की एक ताकतवर लॉबी पार्टी की कमान गडकरी की बजाए किसी और को सौंपे जाने के पक्ष में है। इसलिए नए अध्यक्ष के लिए पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी से लेकर राजनाथ सिंह तक के नाम उछाले जा रहे हैं। पार्टी अध्यक्ष की दौड़ में इन नेताओं के साथ लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली भी शामिल हैं।
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गडकरी को लेकर शुरू से कहा जा रहा है कि गुजरात व हिमाचल के चुनाव नतीजे भी उनका भविष्य तय करेंगे। गुजरात में भाजपा की स्थिति पहले से कमजोर हुई है और हिमाचल अब कांग्रेस की झोली में जा चुका है, लेकिन इन चुनावों में भ्रष्टाचार का मुद्दा नहीं चल पाने से गडकरी की स्थिति मजबूत हुई है। यानी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गडकरी को घेरने की मंशा पाले भाजपा नेताओं के लिए यह दांव उलटा पड़ गया है।
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दरअसल, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का एजेंडा भ्रष्टाचार ही था। खुद वीरभद्र सिंह अब मुख्यमंत्री बन चुके हैं, जबकि भ्रष्टाचार को लेकर वे सबसे ज्यादा भाजपा के निशाने पर थे। गुजरात में गडकरी की ज्यादा भूमिका नहीं थीं। ऐसे में भाजपा में गडकरी विरोधी लॉबी भी अब यह कहने की हिम्मत नहीं कर पा रही है कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे उछल जाने से सकारात्मक नतीजे नहीं आए।


सूत्रों का कहना है कि संघ भी यह जानता है कि गडकरी के खिलाफ मुहिम चलाने वालों में भाजपा के कई नेता शामिल रहे हैं। गडकरी को भाजपा पहले ही क्लीनचिट दे चुकी है और अब तक उनके खिलाफ कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं हुआ है। इसलिए माना जा रहा है कि संघ अब गडकरी की दोबारा ताजपोशी के पक्ष में है।

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