फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   nirbhaya fund will around for rape victims

निर्भया कोष बनेगा दुष्कर्म पीड़िताओं के लिए आस

Mon, 09 Mar 2015 01:52 AM IST
Updated Mon, 09 Mar 2015 01:52 AM IST
विज्ञापन
nirbhaya fund will around for rape victims

केंद्र सरकार निर्भया कोष का इस्तेमाल कर प्रत्येक राज्य में एक वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर खोलेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक छत के नीचे दुष्कर्म पीड़ितों को हर संभव मदद देने के लिए इस कोष से खर्च करने का निर्णय लिया है। कुल तीन हजार करोड़ रुपये के इस कोष से सरकार द्वारा अब तक आंशिक राशि ही खर्च की गई है।

विज्ञापन


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के  मौके पर आईडब्ल्यूपीसी में संवाददाताओं से बातचीत में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि  उनका मंत्रालय निर्भया कोष से दुष्कर्म पीड़ितों की मदद के लिए तैयार हो रही योजना पर खर्च करेगा।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर को प्रत्येक राज्य में अस्पतालों से जोड़कर बनाना अनिवार्य नहीं होगा बल्कि इन केंद्रों को अस्पताल या पुलिस स्टेशन के नजदीक बनाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

जून में तैयार हुआ था इस संबंध में कानून

nirbhaya fund will around for rape victims

पिछले साल जून में इस संदर्भ में तैयार किये गए कॉन्सेप्ट नोट के मुताबिक, निर्भया केंद्र के जरिये दुष्कर्म हिंसा की शिकार महिलाओं को एक ही जगह चिकित्सीय और कानूनी सुरक्षा देने के साथ उनके पुनर्वास की व्यवस्था का प्रावधान भी रखा गया था।

सूत्रों के मुताबिक ,पीएमओ ने पहले 36 निर्भया केंद्र खोलने की अनुमति ही मंत्रालय को दी है। माना जा रहा है कि अगर इन केंद्रों का परिचालन सफल रहा तो भविष्य में दूसरे केंद्रों को खोलने की उम्मीद बंधेगी। इन केंद्रों को खोलने के लिए राज्य सरकारों को उचित स्थान खोजने को कहा गया है।

मेनका गांधी ने कहा कि अगर पुलिस बल में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया जाता है तो यह काफी हद तक महिलाओं के हित में साबित होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुलिस बल में महिलाओं के सीट आरक्षित करना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि गुजरात में ऐसा किया भी गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed