नाबालिग दोषी की मां बोली, गांव आया तो घर में रहेगा
निर्भया कांड के नाबालिग दोषी की रिहाई के बारे में उसके परिवार वालों को कोई जानकारी नहीं है। मीडिया से जुड़े लोग शुक्रवार को जब गांव पहुंचे तब ही दोषी के परिवार वालों को उसकी 20 दिसंबर को होने वाली रिहाई के बारे में मालूम हुआ।
पूछने पर दोषी की बीमार मां ने कहा, परिवार का कोई सदस्य उसे लेने के लिए दिल्ली नहीं जाएगा। हां, अगर वह रिहाई के बाद गांव आता है तो परिवार के साथ ही रहेगा। हालांकि गांव के लोग दोषी को गांव में रखने के लिए राजी नहीं हैं। अब गांव में दोषी की रिहाई और उसके गांव आने को लेकर चर्चाओं का सिलसिला तेज होगा।
बता दें कि दोषी का पिता मानसिक रोगी है और मां इन दिनों बीमार चल रही है। गौरतलब है कि दिल्ली के वसंत बिहार इलाके में 16 दिसंबर 2012 को चलती बस में गैंगरेप के बाद नृशंस हत्या की वारदात ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मामले का एक आरोपी बदायूं के इस्लामनगर थाने के एक गांव का था। घटना के वक्त वह आरोपी नाबालिग था।
10 साल पहले छोड़ गया था घर
जुवेनाइल कोर्ट में ट्रायल के बाद उसे तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया गया था। अब इस दोषी की सजा की अवधि पूरी हो रही है। दिसंबर 2012 में निर्भया कांड से जिले का नाम जुड़ने के बाद सबकी नजरें नाबालिग के परिवार पर टिक गईं।
हालांकि, आरोपी 10 साल पहले ही नौकरी करने दिल्ली चला गया था। कुछ समय तक वह परिवार का खर्च चलाने के लिए रुपये भी भेजता रहा। बाद में उसने परिवार से पूरी तरह से नाता तोड़ दिया।
मानसिक रोगी पिता परिवार पालने में सक्षम नहीं था, जबकि उसके घर में दो छोटी बहनें और तीन छोटे भाई भी थे। अक्सर बीमार रहने वाली मां तंगहाली के बावजूद किसी तरह परिवार को पाल रही है।