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असीमानंद पर बोले दिग्गी, संघी आतंकी की रिहाई ठीक नहीं

Wed, 12 Aug 2015 04:10 PM IST
Updated Wed, 12 Aug 2015 04:10 PM IST
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NIA softening with people like Aseemanand “unlucky“: Kamal Farooqui

समझौता एक्सप्रेस धमाके के दोषी स्वामी असीमानंद की जमानत के खिलाफ विरोध नहीं करने के नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी(एनआईए) के फैसले पर कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने निशाना साधा है। जहां एक ओर एसपी नेता कमाल फारूखी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया वहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इसे संघी आतंकी होने के कारण लिया गया फैसला बताया है।

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कमाल फारूखी ने असीमानंद के मामले में केंद्र सरकार के इरादे पर सवालिया निशान लगाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि इससे पूरी दुनिया में एक गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा, 'एनडीए सरकार की वजह से एनआईए ने असीमानंद की जमानत पर नरम रवैये अपनाया। आतंकवादी केवल आतंकवादी होता है, चाहें वह मुस्लिम आतंकी हो या फिर हिंदू आतंकी।'
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उन्होंने कहा कि असीमानंद, साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित जैसे लोगों को सरकार बचाना चाहती है। केंद्र सरकार को एनआईए की मदद से इस तरह के कदम नहीं उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने जान से मारने का दोष सिद्ध हुआ है इसलिए इनको फांसी पर लटकाकर दूसरे आतंकियों को एक संदेश देना चाहिए।

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संघी आतंकी पर नरमी: सिंह

NIA softening with people like Aseemanand “unlucky“: Kamal Farooqui
वहीं दूसरी ओर कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने अपने ट्विटर पर लिखा कि उन्हें पहले से ही पता था असीमानंद को जमानत देने के मामले में एनआईए कुछ नहीं करेगी। उन्होंने लिखा कि अब असीमानंद के बाद साध्वी प्रज्ञा, फर्जी शंकराचार्य पांडेय और कर्नल पुरोहित का नंबर है।


दिग्विजय ने संघ पर निशाना साधते हुए लिखा कि बीजेपी और आरएसएस संघी आतंकियों के मुद्दे पर नरम रवैया अपना रहे हैं।
गौरतलब है कि मंगलवार को सदन में एक लिखित सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री हरिभाई पराठिभाई चौधरी ने बताया था कि एनआईए स्वामी असीमानंद के जमानत के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं होने के कारण इसका विरोध नहीं करेगी। उनके इस जवाब के बाद कई नेताओं ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए।
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