कवि की पिटाई पर कर्नाटक सरकार को नोटिस
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हिन्दुत्व के खिलाफ लेख और कविता लिखने का आरोप लगाते हुए कर्नाटक के एक दलित कवि के साथ मारपीट करने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने राज्य सरकार को मुख्य सचिव के माध्यम से दो हफ्ते के भीतर इस घटना से संबंधित रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
साथ ही आयोग ने सरकार को यह भी बताने के लिए कहा है कि पीड़ित दलित कवि उच्चांगी प्रसाद को एससी-एसटी एक्ट के तहत संरक्षण दिया गया या नहीं। यह घटना कर्नाटक के दावांगरे की है। आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है।
हिन्दुत्व के खिलाफ लेख पर नाराज थे आरोपी
दलित कवि उच्चांगी प्रसाद 21 अक्टूबर 2015 की रात को एक व्यक्ति के कहने पर अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मदद करने के लिए घर से निकले। लेकिन उन्हें किसी और जगह ले जाया गया, जहां आठ-नौ लोगों ने उनकी पिटाई कर दी।
मारपीट करने वाले लोग दलित कवि उच्चांगी प्रसाद द्वारा हिन्दुत्व के खिलाफ लेख और कविता लिखने से नाराज थे।
दलित कवि को अपमानित किया गया। इतना ही नहीं उनका हाथ भी तोड़ दिया गया था।