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नए कारतूस के लिए अब जमा कराने होंगे पुराने खोखे

Sat, 03 Jan 2015 12:20 PM IST
Updated Sat, 03 Jan 2015 12:20 PM IST
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new rules for weapon holder

लगातार बढ़ती हर्ष फायरिंग की घटनाओं पर बेहद गंभीर रुख अपनाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुछ और सख्त निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक शस्त्र लाइसेंसधारी को नए कारतूस तभी मिलेंगे, जब वह पूर्व में खरीदे कारतूसों के कम से कम 80 फीसदी खोखे शस्त्र विक्रेता के पास जमा कराएगा।

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शस्त्र विक्रेताओं को ऐसे सभी खोखे डीएम ऑफिस में जमा कराने होंगे। नया शस्त्र लाइसेंस जारी करने पर तभी विचार किया जाएगा, जब आवेदक असलाह चलाने के टेस्ट में पास हो जाएगा। हाईकोर्ट में हर्ष फायरिंग के संबंध में दायर याचिका जितेंद्र सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य समेत अन्य के संदर्भ में ये निर्देश दिए हैं।
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शासन ने इन्हें चार दिन पूर्व ही सभी डीएम को जारी किया  इनमें कहा  शस्त्र चलाने का टेस्ट आवेदक के खर्च पर एसपी/एसएसपी लेंगे। आवेदक के फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे। उसे अनिवार्य रूप से आधार कार्ड भी जमा कराना होगा।
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65 वर्ष से अधिक आयु पर देना होगा फिटनेस टेस्ट

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पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि कोई लाइसेंस धारक टेस्ट में फेल हो जाता है तो उसका लाइसेंस निरस्त किए जाने पर विचार होगा। 65 साल से अधिक आयु के लाइसेंस धारकों को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए पुलिस का टेस्ट पास करने के साथ सीएमओ की ओर से जारी फिटनेस सर्टिफिकेट भी देना होगा।

नए शस्त्र लाइसेंस आवेदक को अपनी आर्थिक स्थिति का विवरण भी देना होगा। इसके अलावा लाइसेंसी असलाह शस्त्र विक्रेता के पास या थानों के मालखाने में जमा कराने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक से उसी तारीख का 100 रुपये का चालान लेकर साथ में देना होगा।

ऐसा इसलिए किया ताकि कोई लाइसेंस धारक अपने शस्त्र का दुरुपयोग करने के बाद बैक डेट में उसे जमा न कराने पाए। एडीएम संतोष कुमार शर्मा ने बताया हाईकोर्ट के निर्देश प्राप्त हो गए हैं। इनसे शूटिंग खिलाड़ियों को अलग रखा गया है।

पुराने कारतूसों के खोखो में से 100 के बजाय 80 फीसदी जमा कराने के लिए इसलिए कहा है, क्योंकि  फायरिंग के बाद कुछ खोखे खोने की संभावना रहती है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया यदि पूर्व में दस कारतूस लिए थे, तो आठ जमा कराने पर ही नए मिल पाएंगे।

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