गुजरात दंगों को लेकर मोदी ने खुद किए नए खुलासे!
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भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का कहना है कि गुजरात के दंगों को लेकर वह दुखी जरूर थे लेकिन उन्हें लेकर उनमें कोई अपराध बोध नहीं था। कोई भी कोर्ट इस सच को स्थापित करने के करीब नहीं पहुंच सका है।
मोदी ने कहा है कि गुजरात के दंगों के बाद वह पिछले 12 साल से सार्वजनिक तौर पर लानत-मलामत झेलते रहे हैं लेकिन उन्होंने सोच लिया था कि वह मीडिया को अपना काम करने देंगे। उससे कोई टकराव नहीं लेंगे।
ब्रिटिश लेखक और टीवी प्रोड्यूसर एंडी मरीनो की लिखी किताब नरेंद्र मोदी : अ पॉलिटिकल बायोग्राफी में मोदी ने कहा है, मैं कभी टकराव में वक्त बर्बाद नहीं करता।
सीएम की कुर्सी छोड़ना चाहते थे मोदी
गुजरात में 2002 में हुए दंगों को लेकर उन्होंने कहा है, ‘जो हुआ उसे लेकर मैं दुखी था लेकिन मेरे अंदर इसे लेकर अपराध बोध नहीं था। और कोई भी अदालत मेरे अंदर की इस भावना को स्थापित करने के नजदीक नहीं पहुंच सकी है।’
मरीनो की 310 पेज की यह किताब हार्पर कॉलिन्स ने छापी है। मरीनो ने दावा किया है कि यह किताब मोदी की ओर से दिए गए ब्योरों के आधार पर लिखी गई है। मरीनो ने ये ब्योरे चुनाव रैलियों की दौरान मोदी की हेलीकॉप्टर यात्रा में हासिल किए थे। मरीनो उनके साथ ही थे और उन्होंने कई सप्ताह तक उनका इंटरव्यू किया था। किताब में दंगों से जुड़े मुद्दों का जिक्र है।
मरीनो का कहना है कि यह अब तक उपलब्ध प्रामाणिक दस्तावेजों पर आधारित है। मोदी ने शायद पहली बार उनके सामने और ऑन रिकार्ड यह स्वीकार किया था कि दंगों के बाद वह मुख्यमंत्री नहीं रहना चाहते थे क्योंकि लोग इसके लिए गुजरात की जनता को निशाना बना रहे थे।