फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   new recruitment in railway

खुशखबरी: रेलवे में फिर होगी नई भर्तियां

Fri, 24 May 2013 12:21 AM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
इलाहाबाद/ब्यूरो Updated Fri, 24 May 2013 12:21 AM IST
विज्ञापन
new recruitment in railway

दो साल से रेलवे में रुकी पूर्व सैनिकों की भर्ती फिर शुरू होने जा रही है। जून में इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

विज्ञापन


रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि अक्तूबर तक भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए। रिक्त पदों में से 20 फीसदी पदों पर पूर्व सैनिकों की भर्ती की जाएगी।

दूसरी ओर पिछली भर्तियों को लेकर उठे विवाद के कारण कई पूर्व सैनिक मनमानी का आरोप लगाते हुए नौकरी छोड़ चुके हैं। ऐसे में रेलवे को यह भी सुनिश्चित करना पड़ सकता है कि पूर्व सैनिकों को उनकी ट्रेड के कार्य मिलें।

रेलवे में ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहते हुए पूर्व सैनिकों की भर्ती की घोषणा की गई थी। इसी के तहत वर्ष 2010 में भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। एनसीआर में भी करीब 1700 से ज्यादा पद घोषित किए गए।
विज्ञापन


विवाद के कारण इसके बाद पूर्व सैनिकों की कोई भर्ती नहीं की गई। जबकि, ग्रुप डी के अब तक लगभग पांच हजार रिक्त पद घोषित किए जा चुके हैं।

अब पूर्व सैनिकों की शिकायतों के बाद रेलवे बोर्ड ने फिर सक्रियता दिखाई है। बोर्ड के निदेशक स्थापना हर्षा दास ने इसके लिए एनसीआर मुख्यालय समेत सभी जोनों के कार्मिक विभागों को चिट्ठी भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें उन्होंने साफ कहा है कि ग्रेड-पे 1800 रुपये के पदों पर पूर्व सैनिकों की भर्ती की जानी है। एक जनवरी 2013 तक पूर्व सैनिकों के लिए रिक्त पदों पर भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं।

बोर्ड ने कहा है कि रिक्त पदों की घोषणा तत्काल की जाए और पूरी प्रक्रिया अक्तूबर तक निपटा लिया जाए। रेलवे अफसर बताते हैं कि पिछली भर्ती के दौरान बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक ज्वाइनिंग के लिए नहीं पहुंचे।


इलाहाबाद डिवीजन में ज्वाइन कराए गए पूर्व सैनिकों ने दो-तीन महीने के बाद नौकरी छोड़ दी।

उनका आरोप था कि रेलवे में उनके ट्रेड के कार्य न देकर गेट की रखवाली कराई जा रही है। जानबूझकर उन्हें ऐसे इलाके में तैनात किया गया, जहां रेलवे कर्मचारी जाना पसंद नहीं करते।

नए आदेश में रेलवे ने इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed