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हर बच्चा कहेगा, ‘मैं प्रण करता हूं कि महिला का सम्मान करूंगा’

Fri, 13 Feb 2015 11:58 AM IST
Updated Fri, 13 Feb 2015 11:58 AM IST
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new prayer in delhi schools

दिल्ली के तमाम सरकारी स्कूलों में जल्द ही बच्चों को यह संकल्प लेना होगा कि वे महिलाओं का आदर और सम्मान करेंगे। दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि जल्द ही यह व्यवस्था सरकारी स्कूलों में शुरू होने जा रही है।

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बच्चे को अब सुनाना और रटना होगा, ‘...मैं, प्रण करता हूं कि मैं हमेशा महिलाओं का आदर और सम्मान करूंगा। महिलाओं के साथ आक्रामक बर्ताव से खुद को हमेशा दूर रखूंगा। मैं समाज और स्कूल में महिलाओं के सम्मान और मान-मर्यादा का पूरा ख्याल रखूंगा।
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मैं प्रण करता हूं कि महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिंक भेदभाव का विरोध करूंगा। जब कभी भी मैं महिला को परेशानी में देखूंगा तो उसकी तत्काल हरसंभव मदद करूंगा।’ दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने इस संकल्प को स्कूल डायरी में शामिल करने का निर्णय लिया है।
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शिक्षा निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर यह जानकारी दी है। हलफनामे के मुताबिक, स्कूली बच्चों को रोजाना यह संकल्प लेना होगा। सरकार का कहना है कि बच्चों में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना जगे, इस कारण ही ऐसा किया जा रहा है। प्रयास है कि बच्चों का लैंगिंग भेदभाव से बचाया जा सके।

बच्चों को प्रताड़ना से बचाने के लिए तीन स्तरीय समिति

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इसके अलावा बच्चों को ...वैल्यू एडिशन... विषय भी पढ़ाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हलफनामा दाखिल कर यह बताने के लिए कहा था कि वे स्कूलों में बच्चों के साथ होने वाले यौन-उत्पीड़न की रोकथाम के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।

निदेशालय ने हलफनामे में यह भी कहा है कि बच्चों की प्रताड़ना से जुड़े मसले के लिए तीन स्तरीय समिति होगी। समिति स्कूल, जिला और मुख्यालय स्तर पर होगी।

इसके अलावा प्रधानाध्यापक और प्राचार्यों के लिए खास निर्देश जारी किए जाएंगे। साथ ही शिक्षकों को आखिरी पीरियड खत्म होने से पहले क्लास रूम छोड़ने की इजाजत नहीं होगी।

एक नोडल अधिकारी स्कूल में नियुक्त किया जाएगा जो यह ध्यान रखेगा कि ऐसी कोई शिकायत तो नहीं है कि बच्चे घर नहीं पहुंचे। इसके अलावा प्रधानाध्यापकों को स्थानीय पुलिस से तालमेल कर स्कूल लगने के वक्त और छुट्टी के वक्त गेट के बाहर पीसीआर वैन की तैनाती सुनिश्चित करनी होगी।

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