इशरत पर खुलासा करने वाले पिल्लई अडानी के खास
इशरत जहां एनकाउंटर मामले में नया खुलासा करके राजनीति में हलचल मचा देने वाले पूर्व गृहसचिव जीके पिल्लई पर भी अब उंगलियां खड़ी होती दिख रही हैं। इसकी वजह ये भी है कि जीके पिल्लई का नाम अब मोदी के खासमखास अडानी के साथ जोड़ा जा रहा है। अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ के अनुसार पूर्व गृहसचिव जीके पिल्लई अडानी की कंपनी अडानी पोर्ट्स के डायरेक्टर हैं।
बीते हफ्ते ही एक न्यूज चैनल से बातचीत में पूर्व गृहसचिव जीके पिल्लई ने यह दावा करके राजनीतिक हल्कों में सरगर्मी तेज कर दी थी इशरत जहां मुठभेड मामले में तत्कालीन यूपीए सरकार की ओर से उन पर दबाव बनाया गया था।
यूपीए सरकार में गृहसचिव रहे पिल्लई ने दावा किया था कि साल 2009 में इशरत जहां मुठभेड मामले में उन्होंने कोर्ट में इशरत जहां मुठभेड को असली बताते हुए हलफनामा दायर किया था, लेकिन इसके तुरंत बाद तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदंबरम के दबाव पर उन्होंने महीने भर बाद ही दूसरा हलफनामा दायर कर मुठभेड को फर्जी बताना पड़ा।
चिदंबरम पर लगाया था दबाव बनाने का आरोप
इसके लिए उन पर सरकार खासकर गृहमंत्री की ओर से दबाव बनाया गया था। उन्होंने जो हलफनामा कोर्ट में दायर किया था उस पर गृहमंत्री का एप्रूवल था।
पिल्लई के इस दावे के बाद से ही एनडीए सरकार इशरत जहां मामले में विपक्षी दलों पर हमलावर हो गई है। सूत्रों की मानें तो पार्टी ने इस मामले में दोबारा जांच आयोग बनाने की तैयारी कर ली है।
हालांकि पिल्लई के दावे के बाद उंगलियां उन पर भी उठ रही हैं। उसकी बड़ी वजह ये भी है कि उनका ये दावा उस समय आया है जब कुछ दिन पहले ही लश्कर के आतंकी रहे डेविड कोलमैन हेडली ने अपनी गवाही में इशरत को लश्कर का आतंकी माना है।
इतने लंबे समय तक चुप्पी पर उठ रहा सवाल
अखबार के अनुसार जब 24 सितंबर 2009 की उस नोटिंग की जांच की गई तो उसमें, तत्कालीन गृहमंत्री चिदंबरम ने दूसरे एफीडेविट में लिखा था कि, कृप्या स्पष्ट प्रति पेश करें। उसी दिन पिल्लई ने अपनी टिप्पणी के साथ लिखा, गृहमंत्री के लिए स्पष्ट प्रति दाखिल करने के लिए भेजें।
अखबार ने जब पिल्लई से पूछा कि उस समय उन्होंने उस फाइल पर कोई आपत्ति क्यों नहीं की। तो उनका जवाब था कि वो उस समय मेरे राजनीतिक बॉस थे इसलिए मुझे नहीं लगा कि उनकी फाइल पर कोई टिप्पणी की जाए।
बता दें कि पिल्लई जून 2011 में गृह सचिव के पद से रिटायर हुए थे। उसके बाद उन्होंने अडानी पोर्ट्स में स्वतंत्र निदेशक का कार्यभार संभाला। पिल्लई ने बताया कि मैं पिछले ढाई साल से अडानी पोर्ट्स में निदेशक के पद पर कार्यरत हूं। मैं सभी बोर्ड मिटिंग में शामिल होता हूं।