पानी के भीतर फटा ज्वालामुखी और इस तरह बना ये नया द्वीप
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पानी के भीतर ज्वालामुखी विस्फोट होने से दक्षिणी प्रशांत महासागर में एक नया द्वीप बन गया है। 500 मीटर लंबा ये नया द्वीप होंगा—टोंगा ज्वालामुखी में दिसम्बर में हुए विस्फोट के बाद बनना शुरू हुआ था।
ये टोंगा की राजधानी नुकुल्हूफा से उत्तर-दक्षिण की ओर 45 किमी की दूरी पर है। 'हुंगा टोंगा हुंगा हापाई' नाम के इस ज्वालामुखी में पिछले पांच साल में दूसरी बार विस्फोट हुआ था।
तस्वीरों में नया द्वीप
सैकड़ों मीटर दूर एक नौका से लिए गए विडियो में समुद्र से तेजी से उठता गैस का एक गुबार दिखाई दे रहा है। विस्फोट के बाद से सैटेलाईट से ली गई तस्वीरों में भी नई बनती चट्टानें और अवसाद दिखाई दे रहा है।
टोंगा के मुख्य द्वीव में रहने वाले गिएनपिएरो ऑरबेसेनो नाम के एक व्यक्ति ने इस नए द्वीप की अनोखी तस्वीरें उतारी हैं। ऑरबेसेनो टोंगा में एक होटल के मालिक हैं वे अपने दो दोस्तों के साथ इस नए द्वीप पर गए थे।
खतरे पर असमंजस
ऑरबेसेनो कहते हैं, ''ये काफी सुरक्षित है। दिक्कत केवल ये है कि नाव से इस द्वीप पर कैसे चढ़ा जाए। उसका तल अभी गर्म है आप इसे महसूस कर सकते हैं। और धूप में इस पर चढ़ना बहुत कठिन है।''
लेकिन ब्रिस्टल विश्वविद्यालय में नेचुरल हेज़ार्ड विभाग के रीडर मैट वाटसन बताते हैं कि इस द्वीप का तल बेहद अस्थिर है और वहां जाने वालों के लिए ये ख़तरनाक हो सकता है। वे कहते हैं, ''ये मेग्मा के विखंडन से बना है, इसलिए ये मूलत: चट्टान के छोटे—छोटे टुकड़ों के एक दूसरे के ऊपर आने से बना द्वीप है।''