मोदी को मुश्किल में डाल देगी संघ की ये मांग!
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नरेंद्र मोदी ने अब तक प्रधानमंत्री पद की शपथ नहीं ली है, लेकिन राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने अपनी मांगों की फेहरिश्त सामने रख दी है।
संघ की ताजा मांग नरेंद्र मोदी को मुश्किल में भी डाल सकती है। संघ नेता इंद्रेश कुमार ने एक साक्षात्कार में कहा है कि मोदी प्रधानमंत्री पद संभालते ही उन आतंकी मामलों की समीक्षा करें, जिनमें संघ से जुड़े लोगों का आरोपी बनाया गया है।
उन्होंने कहा है कि संघ से जुड़े लोगों पर राजनीतिक साजिश के तहत आरोप लगाया गया है। ये साजिश यूपीए सरकार के इशारे पर रची गई। यूपीए सरकार ने सीबीआई, एनआईए और एटीएस जैसे एजेंसियो का दुरुपयोग किया है।
'आतंकी मामले यूपीए की राजनीतिक साजिश'
इंडियन एक्सप्रेस को दिए साक्षात्कार में आरएसएस नेशनल एग्जक्ूयटिव इंद्रेश कुमार ने भाजपा की जीत को 'दूसरी आजादी' बताया। हैदराबाद स्थित मक्का मस्जिद धमाकों के मामले में जांच एजेंसियों ने इंद्रेश कुमार से भी पूछताछ की थी। साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि नई सरकार ने आंतकी वारदातों से जुडे उन मामलों की तत्काल समीक्षा करना चाहिए, जिन्हें यूपीए सरकार ने राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज किया है।
उन्होंने कहा, मैं ये नहीं कह रहा कि बम धमाकों के सभी आरोपियों ( भगवा आतंक के अरोप में बंद) को छोड़ दिया जाए। लेकिन उन्हें जमानत दी जाए। कई निर्दोष मुसलमानों को भी गिरफ्तार किया गया है, उन्हें भी जमानत दी जाए। जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में जल्दी से जल्दी आरोप पत्र दाखिल करें, और वे निर्दोष हों तो उन्हें रिहा किया जाए।'
"दिग्विजय, तिवारी माफी मांगे'
इंद्रेश कुमार ने कहा कि हमें किसी की कृपा की आवश्यकता नहीं है, सकरार भी अब तक गठित नहीं हुई है। लेकिन जहां भी लोगों पर जुल्म हुए हैं, अत्याचार हुए हैं, असंवैधानिक और अनैतिक कार्य हुए हैं। उन्हें मुक्ति दिलानी चाहिए ओर ये काम जल्द शुरू हो।
उन्होंने कहा कि चुनाव के ये नतीजे दूसरी आजादी जैसे हैं। हमारे लोगों ने हमें ये आजादी दिलाई है। दिग्विजय सिंह और मनीष तिवारी जैसे कांग्रेसी नेताओं को अब समझ में आएगा कि उन्हें किसी का जीवन बर्बाद करने का अधिकार नहीं है। अब उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
इंद्रेश कुमार से 2010 में सीबीआई ने मक्का मस्जिद बम धमाकों के मामले में पूछताछ की थी।
इंद्रेश्ा से हुई थी पूछताछ
मक्का मस्जिद धमाका 2007 में हुआ था। धमाके संदिग्ध भूमिका होने के कारण इंद्रेश से पूछताछ की गई थी। उन्हें संघ प्रचारक सुनील जोशी का करीबी माना गया था। जोशी को मक्का मस्जिद धमाकों और 2006 के मालेगांव धमाकों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। जोशी की बाद में हत्या हो गई थी।
इंद्रेश कुमार ने मुस्लिमों के बीच संघ के प्रचार प्रसार में अहम भूमिका अदा की थी। उन्होंने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के गठन में अहम भूमिका अदा की थी। ये संगठन आरएसएस के अनुषांगिक संगठन के रूप में मुस्लिमों के बीच काम करने के लिए गठित किया गया था।