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फिर महसूस हुई नए संसद भवन की जरूरत

Thu, 25 Dec 2014 11:29 AM IST
Updated Thu, 25 Dec 2014 11:29 AM IST
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new Government also felt the need for a new parliament building.

यूपीए-दो की सरकार की तरह ही नई लोकसभा को भी नए और बड़े संसद भवन की जरूरत महसूस हो रही है।

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लोकसभा के उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई की अध्यक्षता वाली बजट कमेटी ने शहरी विकास मंत्रालय के समक्ष नया संसद भवन बनाने या फिर सेंट्रल हॉल में लोकसभा की बैठक करने की नई व्यवस्था बहाल करने का प्रस्ताव भेजा है।

प्रस्ताव में वर्ष 2022 में होने वाले परिसीमन के बाद संसद सदस्यों की संख्या बढ़ने के बाद उत्पन्न होने वाली समस्याओं का हवाला दिया गया है। बजट कमेटी का प्रस्ताव फिलहाल शहरी विकास मंत्रालय के पास विचाराधीन है।
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मंत्रालय में इस मामले पर भी विचार हो रहा है कि बजट कमेटी उसके समक्ष इस आशय का प्रस्ताव रखने का अधिकार रखती भी है या नहीं। यूपीए 2 की सरकार के दौरान तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने भी नया संसद भवन बनाने का प्रस्ताव रखा था।

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वर्ष 2022 में परिसीमन से बढ़ेगी सदस्यों की संख्या

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इस प्रस्ताव के मद्देनजर शहरी विकास मंत्रालय ने नए संसद भवन के लिए जमीन की खोज भी शुरू कर दी थी। हालांकि बाद में सत्तारूढ़ दल के अलावा भाजपा और अन्य दलों के वरिष्ठ नेताओं के तीखे विरोध के कारण इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

शहरी विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस आशय के प्रस्ताव की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जहां तक सेंट्रल हॉल को लोकसभा में बदलने का प्रस्ताव है तो इससे समस्या का समाधान नहीं होगा।

दरअसल सेंट्रल हॉल की बैठने की क्षमता महज 390 लोगों की है। इस दृष्टि से यह लोकसभा से भी छोटा पड़ेगा। संसद भवन के धरोहर होने के कारण इसमें नया निर्माण नहीं हो सकता, इसलिए अगर प्रस्ताव माना गया तो वह नए संसद भवन के निर्माण का ही होगा।

शहरी विकास मंत्रालय के पास विचाराधीन है प्रस्ताव

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अधिकारी ने यह भी बताया कि चूंकि प्रस्ताव संसद की बजट कमेटी ने भेजा है, इसलिए मंत्रालय सबसे पहले इसके औचित्य का कानूनी अध्ययन कर रहा है।
 
दरअसल नया संसद भवन बनाने की सोच की शुरुआत बीती सदी के 90 के दशक में हुई थी। इस सदन में पहली और दूसरी पंक्ति को छोड़कर अन्य पंक्तियों में बैठने वाले सदस्यों को जगह कम होने के कारण मशक्कत करनी पड़ती है।

सदन की वास्तविक क्षमता महज 500 लोगों की है। जबकि इस वक्त सदस्यों की संख्या 545 है। इसके अलावा मंत्रियों के रूप में राज्यसभा के सदस्य भी सदन में बैठते हैं।

बजट कमेटी ने भी अपने प्रस्ताव में इन परेशानियों का उल्लेख किया है। इस कमेटी में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी और कांग्रेस के केवी थॉमस भी बतौर सदस्य शामिल हैं।

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