फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   new drug of aids will give new life to victims

विश्व एड्स दिवस: एड्स पीड़ितों को जिंदगी देगी नई दवा

Sat, 01 Dec 2012 11:02 AM IST
नई दिल्ली/पवन कुमार
नई दिल्ली/पवन कुमार Updated Sat, 01 Dec 2012 11:02 AM IST
विज्ञापन
new drug of aids will give new life to victims

एड्स एक गंभीर बीमारी है, पर विज्ञान ने इतना तो कर ही दिया है कि अगर एक शख्स एड्स से पीड़ित है तो उसका पार्टनर किसी भी तरह एचआईवी संक्रमण से बचा रहे। नेशनल एड्स रिसर्च इंस्टीट्यूट ने एक नई दवा विकसित की है। इसका सेवन करने से शारीरिक संबंध बनाने के बावजूद संक्रमण के एक शख्स से दूसरे में जाने की संभावना नहीं के बराबर रह जाती है। इतना ही नहीं एड्स पीड़ित को यह दवा दी जाए तो उसे टीबी का खतरा भी करीब चार प्रतिशत ही रह जाता है।

विज्ञापन


इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अधीन कार्यरत नेशनल एड्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. रमेश परांजपेय ने बताया कि एचआईवी प्रिवेंशन ट्रायल नेटवर्क के तहत एंटी एचआईवी ट्रीटमेंट मेडिसिन विकसित की गई है। तीन सौ दंपति पर इसका सफल परीक्षण किया गया है। शोध के नतीजे न्यू इंडियन जर्नल ऑफ मेडिसिन में भी प्रकाशित भी हुए हैं। डॉ. परांजपेय के मुताबिक अगर किसी एक पार्टनर को एड्स है और वह एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी मेडिसिन ले रहा है तो दूसरे पार्टनर को यह बीमारी होने की आशंका बहुत कम रह जाती है।
विज्ञापन


यही नहीं, पीड़ित की बीमारी को भी यह बहुत हद तक कंट्रोल करती है। एड्स पीड़ित अगर एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी ले रहा है तो उससे होने वाले बच्चे को भी यह बीमारी होने की संभावना कम रहती है। डॉ. परांजपेय ने बताया कि एड्स मरीज का सीडी4 काउंट 350 से कम हो, तो भी एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (इसमें तीन तरह की दवा होती है) दी जा सकती है। अभी तक सीडी4 350 से 500 होने पर ही यह थेरेपी दी जाती थी। सरकारी केंद्रों पर यह दवा मुफ्त में उपलब्ध है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शारीरिक संबंध बनाते समय एहतियात बरतना जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed