हादसाः को-पायलट कहता था, 'सब मुझे याद रखेंगे'
जर्मनविंग्स एयरबस के सह पायलट लूबिट्ज़ ने अपनी पूर्व महिला मित्र से ये भविष्यवाणी की थी कि एक दिन 'दुनिया में सभी उनके नाम को जानेंगे'। माना जा रहा है कि इस विमान को सह पायलट लूबिट्ज़ ने जान-बूझकर एल्प्स पर्वत श्रंखला में गिराया, जिससे विमान के सभी 150 यात्रियों की मौत हो गई।
जर्मनी के अख़बार 'बिल्ड' को दिए एक इंटरव्यू में सह पायलट की पूर्व महिला मित्र ने बताया कि पिछले साल ही उन्होंने कहा था- 'एक दिन मैं ऐसा कुछ करूंगा कि जिससे पूरी व्यवस्था बदल जाएगी। और तब सभी मेरा नाम जानेंगे और मुझे याद करेंगे।'
26 वर्षीय इस महिला ने बिल्ड को बताया कि अगर लूबिट्ज़ ने जानबूझ कर विमान को गिराया तो इसलिए कि उन्हें पता था कि अपनी सेहत से जुड़ी समस्याओं के चलते उन्हें लुफ्तहांसा में कैप्टन की नौकरी मिलना असंभव था।
दुस्वप्नों से त्रस्त
सह पायलट की पूर्व महिला मित्र ने बताया कि वह और लूबिट्ज़ इसलिए अलग हो गए क्योंकि ये लगातार साफ़ होता जा रहा था कि उन्हें कुछ समस्या है। लूबिट्ज़ को रात में बुरे सपने आते थे और कई बार वो चिल्लाते हुए उठते- 'हम नीचे गिर रहे हैं!'
जिस फ्लाइंग क्लब में लूबिट्ज़ ने प्रशिक्षण लिया था, वहां के कुछ सदस्यों ने बीबीसी को बताया कि लूबिट्ज़ एल्प्स पर्वत श्रंखला को अच्छी तरह जानते थे क्योंकि वे वहां ग्लाइडिंग के लिए जाते रहते थे।
जर्मन अभियोजकों का कहना है कि लूबिट्ज़ के घर से उन्हें बीमारी और उसके इलाज के कुछ काग़ज़ात मिले हैं। सहपायलट ने अपनी बीमारी की बात अपनी कंपनी से भी छिपाई थी।