पर्यावरण की सीख देने वाले विजय शर्मा नए मुख्य सूचना आयुक्त
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1974 बैच के उत्तर प्रदेश कॉडर से आइएएस अफसर विजय शर्मा नए मुख्य सूचना आयुक्त होंगे। इससे पहले विजय शर्मा सूचना आयुक्त थे। विजय शर्मा ने दुनिया को पर्यावरण की सीख दी है।
1995 से सन् 2003 तक पर्यावरण मंत्रालय में सहायक सचिव रहे विजय शर्मा जलवायु परिवर्तन पर बात चीत करने के लिए दलका हिस्सा भी रह चुके हैं।
2008 से 2010 तक विजय शर्मा पर्यावरण मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत रहे हैं। आईए आगे की स्लाइड्स में और जानें विजय शर्मा के बारे में
यूपीए सरकार में हटाए गए
विजय शर्मा में 1997 में क्योटो प्रोटोकॉल के जन्मदाताओं में से एक थे। इस प्रोटोकॉल को विकासशील देशों के पक्ष में तैयार करने के पीछे विजय शर्मा को माना जाता है।
विजय शर्मा ने 2002 में संयुक्त राष्ट्र की ओर से दिल्ली में आयोजित वार्षिक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भी हिस्सा लिया था। शर्मा को दूसरा कार्यकाल तब शुरु हुआ था जब सारे विकासशील राष्ट्र क्योटों प्रोटोकाल को और अधिक मजबूती देने का प्रयास कर रहे थे।
2009 में यूपीए सरकार जब दोबारा सत्ता में आई तो जयराम रमेश पर्यावरण मंत्री बने लेकिन विजय शर्मा के काम करने का तरीका उन्हें पसंद नहीं आया। उनका कहना था कि ये ज्यादा ही परंपरावादी हैं।
सामने है चुनौती
विजय शर्मा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के भी सदस्य थे। शर्मा जब सूचना आयुक्त थे (जनवरी 2013 से मई 2015) तो उनके नाम 279 मामले प्रतिमाह निपाटाने का रिकार्ड रहा है।
इस तेजी से भी शर्मा को 15,794 मामलों को निपटाने के लिए 56 महीने चाहिए लेकिन विजय शर्मा इसी साल दिसंबर में रिटायर हो जाएंगे। विजय शर्मा की पत्नी रीता शर्मा भी आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने बुदेलखण्ड के किलों पर पुस्तक भी लिखी है।
विजय शर्मा को ईमानदार और ज्ञान से परिपूर्ण व्यक्ति माना जाता है। इनका कार्यकाल केवल छःमाह का होगा।