पीसीएस-2015 मेंस पर नया विवाद, क्या है मामला?
लोक सेवा आयोग में पीसीएस-2015 मुख्य परीक्षा के रिजल्ट को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है।
बताया जा रहा है कि अनिल यादव के समय ही कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। उनकी स्केलिंग भी हो चुकी है। अब उनकी ओर से उसी आधार पर परिणाम घोषित करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बड़ी अड़चन नहीं आई तो इसी सप्ताह परिणाम घोषित भी हो जाएगा।
हालांकि, अफसरों का एक वर्ग इसके विरोध में है। जानकारी होने पर प्रतियोगी भी नए सिरे से मूल्यांकन कर रिजल्ट घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उनकी ओर से एक-दो दिनों में आयोग में ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
इसी सप्ताह परिणाम घोषित होने की उम्मीद
पीसीएस-2015 शुरू से ही विवादों में है। प्रारंभिक परीक्षा का पेपर आउट हो गया है। उसे लेकर मामला अब भी न्यायालय में है। हालांकि इन विवादों के बीच जल्दबाजी में 29 जून से मुख्य परीक्षा करा ली गई।
अनिल यादव की जल्द से जल्द परिणाम घोषित कराने की भी तैयारी थी। इसके मद्देनजर सितंबर तक कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका था। अब रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है।
आरोप है कि प्रदेश सरकार में दखलंदाजी रखने वाले एक मंत्री की मदद से रिजल्ट घोषित करने केलिए दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन इसका विरोध भी शुरू हो गया है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडेय का कहना है कि अनिल यादव की हर भर्ती विवादों में रही है। स्केलिंग को लेकर घोर आपत्ति है।
इसके अलावा हाईकोर्ट ने अनिल यादव की नियुक्ति रद्द कर दी है। इतना ही नहीं पीसीएस-2015 का मामला अभी न्यायालय में है। अवनीश का कहना है कि पेपर लीक मामले में एसटीएफ की एफआईआर को लेकर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए सभी पहलुओं पर विचार और विवादों का निस्तारण करने के बाद ही रिजल्ट घोषित होना चाहिए। इस बाबत सोमवार या मंगलवार को आयोग को ज्ञापन सौंपा जाएगा।