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नेताजी के परिजनों ने ‘रहस्य’ सुलझाने को मोदी से मांगी मदद
कोलकाता/एजेंसी
Updated Sun, 14 Apr 2013 11:21 PM IST
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिजनों ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से इस प्रतिष्ठित व्यक्तित्व से संबंधित सभी गोपनीय फाइलों को सामने लाने में मदद मांगी है।
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मोदी को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि नेताजी संपूर्ण देश के थे। इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप प्रधानमंत्री से हमारी उस मांग का समर्थन करें कि केंद्र सरकार को उन सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड को सार्वजनिक करना चाहिए, जिससे उनके बारे में उत्पन्न रहस्यों के खुलासे में मदद मिल सके।
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परिवार ने नेताजी की मौत से संबंधित गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की है। नेताजी के पड़पोते और पारिवारिक प्रवक्ता चंद्र बोस ने पिछले हफ्ते कोलकाता आए मोदी से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान उन्होंने मोदी को पत्र सौंपा था। इस पत्र में नेताजी के भतीजे डीएन बोस ने 24 परिजनों की ओर से हस्ताक्षर किए हैं।
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पत्र में कहा गया है कि हम इस मामले को आपके ध्यानार्थ लाने को विवश हुए हैं क्योंकि केंद्र सरकार का रुख इस मामले को लेकर उदासीन है। मुखर्जी कमीशन की रिपोर्ट को यूपीए सरकार ने खारिज कर दिया है। पत्र में दावा किया गया है कि 2006 में गठित जस्टिस मुखर्जी कमीशन ने अपनी जांच में कहा है कि नेताजी 1945 में हुए विमान हादसे में नहीं मारे गए।
परिवार ने एक बयान में रविवार को कहा कि मोदी ने इस मामले में मदद का वादा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल दिसंबर में ऐसी ही अपील उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से की थी लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। इसके चलते हमें भाजपा नेता से मदद मांगनी पड़ी।
दिल्ली स्थित एक रिसर्च ट्रस्ट की ‘मिशन नेताजी’ के तहत डाली गई आरटीआई के जवाब में पीएमओ ने कहा था कि नेताजी से संबंधित 33 गोपनीय फाइलें हैं। हालांकि पीएमओ ने इनकी विषय वस्तु को सार्वजनिक करने से इसलिए मना कर दिया कि इससे भारत की संप्रभुता और विदेशी देशों के साथ संबंध प्रभावित हो सकते हैं।