नेट न्यूट्रैलिटी विवाद में फेसबुक को लगा बड़ा झटका
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नेट न्यूट्रैलिटी पर छिड़ी बहस का दायरा और बढ़ गया है। इसके समर्थन में उठने वाली आवाजें इतनी सशक्त हैं कि अग्रणी कंपनियों को बैकफुट पर आना पड़ रहा है।
बुधवार को जहां एयरटेल अपनी जीरो प्लेटफार्म सर्विस पर सफाई देती नजर आई, वहीं किसी विवाद से बचने के लिए ऑनलाइन यात्रा सेवा देने वाली ‘क्लियरट्रिप’ और टाइम्स ग्रुप ने फेसबुक तथा रिलायंस कम्यूनिकेशन द्वारा शुरू किए गए प्लेटफॉर्म इंटरनेट डॉट ओआरजी (internet.org) से किनारा कर लिया।
एयरटेल-फ्लिपकार्ट मामले के बाद बुधवार का दिन इंटरनेट डॉट ओआरजी के लिए भारी साबित हुआ। कहा जा रहा है कि यह प्रोग्राम भी एयरटेल जीरो प्लेटफॉर्म की तरह नेट न्यूट्रैलिटी के लिए खतरा है। सबसे पहले क्लियरट्रिप ने यह कहते हुए इस प्रोग्राम से नाता तोड़ लिया कि वह नेट न्यूट्रैलिटी के साथ है।
कंपनियों का एजेंडा थोपना चाहता है ट्राई
•इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) का आरोप है कि ट्राई नेट न्यूट्रैलिटी मामले पर टेलीकॉम ऑपरेटर्स का एजेंडा थोपना चाहता है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभो राय ने कहा, ऐसा लगता है कि ट्राई ने अपने सुझाव में टेलीकॉम कंपनियों की बातों को ही रखा है। कागजों पर ऐसा दर्शाया जा रहा है, जैसे इंटरनेट किसी कानून के तहत नहीं आता, जबकि यह गलत है। सभी इंटरनेट कंपनियां आईटी एक्ट से नियंत्रित होती हैं।
•क्लियरट्रिप और टाइम्स ग्रुप ने इंटरनेट डॉट ओआरजी से नाता तोड़ा।
•एयरटेल ने पेश की सफाई, टोल फ्री सर्विस है जीरो प्लान।