फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Nestle India Appeal in Court against the ban on Maggi

मैगी पर बैन के खिलाफ कोर्ट पहुंची नेस्ले, रखे ये तर्क

Thu, 11 Jun 2015 10:35 PM IST
एजेंसी / मुंबई।
एजेंसी / मुंबई। Updated Thu, 11 Jun 2015 10:35 PM IST
विज्ञापन
Nestle India Appeal in Court against the ban on Maggi

मैगी पर प्रतिबंध के खिलाफ नेस्ले इंडिया ने बृहस्पतिवार को बांबे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी ने खाद्य नियामकों द्वारा नूडल्स पर दिए गए आदेश को अदालत में चुनौती दी है।

विज्ञापन


याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। कंपनी के अधिवक्ता ने जस्टिस वीएम कनाडे और बीपी कोलाबावाला की पीठ के समक्ष मौखिक तौर पर रिवीजन एप्लीकेशन की चर्चा की।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि खाद्य नियामकों के आदेश के कारण नेस्ले इंडिया को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए मामले की जल्द सुनवाई की जाए।

कंपनी ने खाद्य नियामकों के आदेश को पलटने की गुहार लगाई

Nestle India Appeal in Court against the ban on Maggi

नेस्ले ने हाईकोर्ट से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) और इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा पांच जून को दिए गए आदेश को अमान्य घोषित करने की गुहार लगाई है। एफएसएसएआई ने मैगी के सभी नौ वेरिएंट्स को स्वास्थ्य के लिए घातक बताते हुए बाजार से वापस लेने को कहा था।

साथ ही कंपनी को तत्काल प्रभाव से नूडल्स का उत्पादन, वितरण एवं बिक्री रोकने का आदेश दिया था। नेस्ले ने महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त के आदेश को भी पलटने की अपील की है। महाराष्ट्र में भी मैगी का उत्पादन और बिक्री प्रतिबंधित है।

कंपनी का कहना है कि खाद्य नियामकों के आदेश खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण अधिनियम के सेक्शन 34 के जरूरी प्रावधानों से मेल नहीं खाते। ये प्रावधान आपातकालीन प्रतिबंध नोटिस और आदेश के संबंध में हैं।

विज्ञापन

कपंनी के आरोप

Nestle India Appeal in Court against the ban on Maggi

कंपनी का आरोप है कि बिना किसी प्राधिकार और कानून का पालन किए आदेश दे दिए गए। ये आदेश गैरकानूनी, मनमाने और भारतीय संविधान तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं। कंपनी ने पैकेजिंग और लेबलिंग के नियमों के उल्लंघन तथा गलत प्रचार के आरोप से भी इनकार किया है।

नेस्ले का कहना है कि उसके उत्पाद में सीसा होने का आरोप अनिश्चित और संदिग्ध है क्योंकि इसमें यह नहीं कहा गया कि उत्पाद का गलत प्रचार कैसे किया गया। मैगी मसाला ओट्स का किया बचाव नेस्ले ने अपने मैगी मसाला ओट्स का बचाव करते हुए कहा कि कंपनी ने उत्पाद को मंजूरी के लिए 27 अगस्त, 2014 को एफएसएसएआई में आवेदन किया था।

इस साल 20 फरवरी को प्राधिकरण ने कंपनी से कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे, जिनका जवाब 24 मार्च को दे दिया गया है। कंपनी ने मैगी मसाला ओट्स को वापस लेने के आदेश को एकतरफा बताया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed