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यूपी: नेस्ले की बढ़ेगी मुसीबत, मैगी के सैंपल हुए फेल

Sun, 22 Nov 2015 10:45 AM IST
Updated Sun, 22 Nov 2015 10:45 AM IST
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nestle in trouble, maggi sample fail in uttar pradesh again

सरकार द्वारा रोक हटाए जाने के बाद से मैगी को उत्तर प्रदेश खाद्य एवं औषधि विभाग की तरफ से झटका लगता दिखाई दे रहा है। एफडीए मेरठ की टीम द्वारा मई और जुलाई में भरे गए मैगी के सैंपल फेल हो गए हैं, जिसके बाद संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

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उधर, आईस्क्रीम व अन्य प्रोडेक्ट में फ्लेवर के तौर पर इस्तेमाल होने वाला मैकडोनाल्ड का कोटेड क्रिस्पिस भी विवादों में फंस गया है। जांच के दौरान पाया गया है कि मैकडोनाल्ड द्वारा पैकेजिंग और मैन्यूफेक्चरिंग के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
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मैगी के सैंपल फेल होने के बाद मई महीने में एफडीए ने सभी जिलों से सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद एफडीए ने मेरठ से मैगी के चार सैंपल भरे थे, जिसमें चारों तरह की नूडल्स में डाले जाने वाले मसाले का टेस्ट मार्क अधिक पाया गया।
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टेस्ट मेकर के अंदर मौजूद कई तत्व मानक से अधिक

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नियम के हिसाब से टेस्ट मेकर के अंदर कई सारे तत्व मौजूद होते हैं। जिनका मानक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च व एफडीए की तरफ से तय किया जाता है। लेकिन मैगी के टेस्ट मेकर के अंदर मौजूद कई तत्व मानक से अधिक पाए गए हैं।

सैंपल रिपोर्ट में साफ हुआ है कि मैगी के टेस्ट मेकर में जो तत्व एक प्रतिशत होना चाहिए था, वह तीन से सवा चार प्रतिशत तक पाया गया है।

सीधे तौर पर कहा जाए तो यह निर्धारित मात्रा से चार तीन गुना अधिक दिया जा रहा था, जो खाने वाले व्यक्ति के डाइजेशन सिस्टम को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। पेट में गैस की समस्या समेत जलन व अन्य तरह की बीमारियों को जन्म दे सकता है।

पांच महीने पहले मेरठ से मैगी के डीलरों के यहां से सैंपल भरे गए

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गौरतलब है कि शासन के निर्देश पर एफडीए ने पांच महीने पहले मेरठ से मैगी के डीलरों के यहां से सैंपल भरे गए थे, जिनकी जांच लैब में कराई गई।

उधर, मैकडोनाल्ड भी पैकेजिंग के नियमों का उल्लंघन कह रही है, जिसको लेकर एफडीए टीम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एफडीए लखनऊ की तरफ से रिपोर्ट मेरठ कार्यालय को प्रेषित कर दी गई है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

कहां के सैंपल हुए फेल
होलसेलर--------------------------------------------------------उत्पाद------------------------टेस्ट मेकर
अतुल जैन पुत्र सीएल जैन, 251- सिविल लाइन-------बेज आटा नूडल्स-----------2.29 प्रतिशत
अतुल जैन पुत्र सीएल जैन, 251- सिविल लाइन-------मैगी मसाला नूडल्स--------2.52 प्रतिशत
51/88 प्रति विहार नौचंदी--------------------------मैगी उट्स नूडल्स------------1.66 प्रतिशत
ईजी-डे गंगानगर-------------------------------मैगी नूडल्स--------4.2 प्रतिशत

'मैगी नूडल्स के सैंपल फेल हुए'

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वीके वर्मा, अभिहित अधिकारी मेरठ, एफडीए ने बताया कि मैगी नूडल्स के सैंपल फेल हुए हैं, और बाकी जगह से भरे गए बेसन, देशी घी व अन्य प्रोडक्ट के सैंपल भी फेल हुए हैं। जिनकी सूचना मुख्यालय की ओर से दी गई है। रिपोर्ट मिलते ही संबंधित कंपनी एवं फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रभावित होगा डाइजेशन सिस्टम
चिकित्सकों का कहना है कि किसी भी फूड प्रोडेक्ट के लिए मानक तय किये जाते हैं, इसी तरह से टेस्ट मेकर में कई तत्व मिलाए जाते हैं, जिनकी मात्रा अगर अधिक होती है तो सीधे तौर पर नुकसान पहुंचेगा।

लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य का कहना है कि टेस्ट मेकर में अगर कोई पदार्थ निर्धारित मात्रा से ज्यादा है तो उससे कई समस्याएं उत्पन्न होंगी। खासकर पेट में कब्ज, गैस और जलन की समस्या सबसे पहले होगी। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक खाता है तो उससे तमाम सारी बीमारियां हो सकती हैं।

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