नेपाली पीएम की चीन जाने की धमकी से भारत बेपरवाह
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आर्थिक नाकेबंदी के सवाल पर नेपाल के प्रधानमंत्री ओपी शर्मा ओली की अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में चीन जाने की धमकी को भारत तवज्जो देने के मूड में नहीं है।
भारत इसे नेपाल की ओर से दबाव बनाने की एक और कोशिश के रूप में देख रहा है। भारत चाहता है कि संविधान के प्रावधानों पर उपजे विवाद का नेपाल मधेसियों के संगठनों से बातचीत कर समय रहते निपटारा करे।
मालूम हो कि नेपाल सरकार की ओर से इस संबंध में मधेसी संगठनों से हुई कई दौर की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।
इसके बाद प्रधानमंत्री ओली ने अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में भारत के बदले चीन को वरीयता देने की चेतावनी दी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद ओली ने बतौर प्रधानमंत्री विदेश दौरे की शुरुआत भारत से करने की घोषणा की थी।
धमकी से भारत बेपरवाह
विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि संविधान के प्रावधानों पर उपजे विवाद का हल नेपाल को ही करना है। नई सरकार ने संविधान संशोधन की घोषणा कर विवाद खत्म करने का संकेत दिया था।
हालांकि इसके बाद इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए। मधेसियों से बातचीत में भी नेपाल ने नागरिकता, सीमांकन जैसे विवाद को निपटाने के प्रति संजीदगी नहीं दिखाई। ऐसे में हालत अब भी जस के तस बने हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार नेपाल भारत की कीमत पर चीन से दोस्ती मजबूत करने की बात कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि भारत फिलहाल नेपाल की इस कोशिश को ज्यादा महत्व देने के मूड में नहीं है।