संविधान विवाद पर केंद्रित होगी मोदी-ओली वार्ता
संविधान विवाद पर कूटनीतिक तनातनी भरे दौर में आई नरमी के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली शुक्रवार को अपने छह दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे। पद संभालने के बाद अपने पहले विदेशी दौरे पर चीन के बजाय भारत पहुंचे ओली का नई दिल्ली हवाई अड्डे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्वागत किया।
बतौर राजकीय अतिथि राष्ट्रपति भवन में अपनी पत्नी के साथ ठहरे पीएम ओली शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य एजेंडा संविधान विवाद होगा। चूंकि नेपाल ने भारत की इच्छा के अनुरूप संविधान में संशोधन का पहले ही संकेत दे दिया है, इसलिए इस वार्ता में दोनों देशों के किसी नतीजे पर पहुंचने की पूरी संभावना है।
रिश्तों को नई ऊंचाई देने के लिए 4 समझौता पत्र तैयार
दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती लाने के लिए आर्थिक, सांस्कृतिक और
ऊर्जा के क्षेत्र में फिलहाल 4 समझौता पत्र तैयार किया गया है। मोदी-ओली की
द्विपक्षीय वार्ता के बाद इन समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर होगा और इसके बाद
दोनों ही ओर से संयुक्त बयान भी जारी होगा।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों
के मुताबिक द्विपक्षीय वार्ता के दौरान मुख्य रूप से संविधान विवाद पर बात
होगी। आंदोलनकारी मधेसियों की मांगों के अनुरूप संविधान में दो संशोधन कर
चुकी नेपाल सरकार अन्य आपत्तियों के संदर्भ में अपने पक्ष से भारत को अवगत
कराएगी। इसमें सबसे प्रमुख मधेसियों की नागरिकता और राज्यों का सीमांकन का
मामला है।
नेपाल पहले ही इन दो प्रमुख मुद्दों पर भारत के सुझावों के
अनुरूप बदलाव लाने पर सहमत होने का संदेश दे चुका है।